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जम्मू-कश्मीरः लोग बोले- खुशी तो बहुत है लेकिन मनाने क्यों नहीं दे रहे, तस्वीरों में देखिए हाल-ए-घाटी

Sat, 10 Aug 2019 02:50 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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श्रीनगर में कुछ ऐसे हैं हालात
ग्राउंड रिपोर्ट
बाजार में बंद दुकानें और शटर नीचे करके बैठे दुकानदार...इस इंतजार में हैं कि कब 3 बजें और दुकानें खोली जाएं। कहीं-कहीं दुकानों के आधे से कम शटर खुले और जरूरी सामान बिक रहा है। दुकानदारों से पुलिस ने कहा है कि 3 बजे के बाद दुकानें खोल लेना। यह आदेश चार दिन से मानसून की बारिश की तरह है। पलभर में दुकानें बंद करने को कहा जाता है और पलभर में ही खोलने को। जानीपुर इलाके में तमाम दुकानें शुक्रवार को बंद रहीं।

 

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श्रीनगर में कुछ ऐसे हैं हालात
सुबह दुकानदार दुकानें खोलने तो पहुंचे, लेकिन पुलिस ने बंद करा दी। खैर दुकानें बंद करने की वजह हर कोई जानता है। फिर भी पूछा कि दुकानें बंद क्यों हैं? इस पर हर दुकानदार का जवाब है कि पुलिस ने बंद कराई है। बता दें कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद पांच दिन से जम्मू में धारा 144 लागू है। इसके चलते शहर में दुकानें बंद हैं। यात्री वाहनों की मूवमेंट न के बराबर है। गुरुवार को कुछ दुकानें खोलने का आदेश जरूर दिया गया, लेकिन शाम 4 बजे दुकानें बंद करा दी गईं।

 
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हाल-ए-जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला
इस बीच जब इन दुकानदारों से बात करनी चाही कि अनुच्छेद 370 हट गया है। इसे लेकर सरकार ने जम्मू में धारा 144 भी लगाई है। क्या सोचते हैं आप? 370 हटने का फैसला सही है या गलत? कितना लाभ होगा। इस पर दुकानदार मंजीत आनंद, हंस राज, बबलू, विक्की, गुरदयाल सिंह, चतर सिंह, सेवा राम, कुलभूषण शर्मा का जवाब था कि यह सही है।

 

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हाल-ए-जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला
अनुच्छेद 370 हटने से खुशी है, लेकिन हमें मलाल इस बात का है कि इसके हटने की खुशी क्यों नहीं मनाने दी जा रही। दुकानों को बंद कराने का क्या मतलब है। सुरक्षा के मद्देनजर ऐसा ठीक है, लेकिन कितने दिन ठीक है।

 
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हाल-ए-जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला
रिहाड़ी निवासी संजय सूरी ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटना ठीक है, लेकिन दुकानें बंद कराना सही नहीं। जम्मू को अनुच्छेद 370 हटाने की खुशी तो मनाने देनी थी।  

 
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हाल-ए-जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला
रिहाड़ी इलाके में भी दुकानें बंद नजर आई। स्थानीय निवासी सुशांत चोपड़ा अपने घर में बच्चों के साथ बैठे थे। उन्होंने कहा कि वह 370 हटने से खुश हैं। रही बात दुकानों के बंद होने की तो सुरक्षा के लिए ऐसा किया गया है।

 
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हाल-ए-जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला
कुलभूषण खजूरिया ने कहा कि जानीपुर के इलाके में पुलवामा हमले के बाद सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था। कई दिन तक कर्फ्यू लगा रहा, लेकिन अनुच्छेद 370 हटने के बाद इस इलाके में पूरी तरह से शांति है।
 

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हाल-ए-जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला
चतर सिंह का कहना है कि हमें तो मौका नहीं मिला, लेकिन हमारे बच्चों को अच्छी कंपनी में काम करने का मौका मिलेगा। बड़ी-बड़ी कंपनियों के अब जम्मू में दफ्तर खुलेंगे। उनके बच्चों को काम मिलेगा। उन्हें भी किसी बड़ी फैक्ट्री में काम मिल जाएगा।

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हाल-ए-जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला
जानीपुर में सरकारी क्वार्टरों में पुलवामा हमले के बाद बवाल हो गया था। कुछ लोगों के पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करने के बाद माहौल खराब हो गया था।
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हाल-ए-जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला
इस वजह से इस इलाके में शांति को लेकर पुलिस की खास नजर रही। डीएसपी अमित शर्मा, जानीपुर के एसएचओ नरेश शर्मा और पुलिस लाइन में तैनात इंस्पेक्टर राकेश सिंह इलाके में गश्त करते नजर आए।
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