गांवों में फैल रही कोरोना महामारी को काबू करने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार पंचायत स्तर पर पांच बेड वाला कोविड सेंटर स्थापित करेगी। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को सभी जिलों के उपायुक्तों को इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं। कोविड केयर सेंटर के लिए जिला विकास योजना से एक लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है। प्रत्येक सेंटर में एक बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा भी होगी। यह केंद्र आपात स्थिति में गांव से आने वाले मरीजों के लिए जीवन रक्षक के तौर पर काम करेंगे। सेंटर में आवश्यक मेडिकल किट भी उपलब्ध होगी। प्रदेश में कुल 2700 पंचायतें हैं जिनमें 1270 जम्मू संभाग में जबकि 1430 कश्मीर संभाग में पंचायतें हैं। पंचायत स्तर के कोविड केयर सेंटर उन परिवाराें के लिए काम आएंगे, जिनके घर पर कोविड मरीज को अलग रखने की जगह नहीं है। उप राज्यपाल ने कहा कि गंभीर मरीजों को पंचायत स्तर पर ही बुनियादी उपचार दिया जा सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग करेगा।
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corona cases of jammu kashmir
- फोटो : अमर उजाला
पंचायत इस एक लाख रुपये की राशि को आइसोलेशन सेंटर स्थापित करने के लिए इस्तेमाल करेंगी। यह राशि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, बेड, शौचालय, मेडिकल किट, टेली मेडिसिन इत्यादि सुविधाओं पर खर्च होगी।
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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस
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कोविड केयर सेंटर सुविधा की जरूरत वाले मरीजों की पहचान पंचायत स्टाफ, स्वास्थ्य अमला, आशा वर्कर, पंचायत सदस्य और संबंधित ग्राम सभा करेगी।
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corona, ambulance
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मोबाइल टेस्टिंग वैन, ऑक्सीजन युक्त एंबुलेंस की सुविधा मिलेगी
जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल ने कहा कि गांवों में मोबाइल टेस्टिंग वैन का इस्तेमाल करते हुए अधिक से अधिक इलाकों में सैंपल जांच की जाए। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी संबंधित ब्लॉक के चिकित्सा अधिकारी करेंगे। इलाके में एंबुलेंस को ऑक्सीजन सुविधा से लैस करना होगा, ताकि गंभीर अवस्था वाले मरीज को सकुशल कोविड अस्पताल तक पहुंचाया जा सके।
बैक टू विलेज कार्यक्रम में मिल अफसर भी करेंगे निगरानी
ग्रामीण स्तर पर कोरोना महामारी रोकथाम के उपायों की निगरानी के लिए उन अफसरों की सेवाएं भी ली जाएंगी, जो बैक टू विलेज कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यह अफसर ग्रामीण इलाकों के प्रतिनिधियों और सरकारी मशीनरी से जुड़े लोगाें के बीच समन्वय करेंगे।