जम्मू शहर के प्रमुख कोरोना अस्पताल जीएमसी जम्मू में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ऑक्सीजन की खपत में कई गुणा बढ़ोतरी हो गई है। मरीजों के लिए लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट और अस्पताल के खुद के ऑक्सीजन प्लांट से सप्लाई दी जा रही है। अप्रैल से पहले तक प्लांट से प्रतिदिन 20 से 30 सिलेंडर ही इस्तेमाल हो रहे थे जो अब बढ़कर 300 से 350 तक पहुंच गए हैं। लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट में हर दो दिन बाद टैंक को भरना पड़ रहा है, इसकी आपूर्ति बद्दी सोलन से हो रही है।
लेकिन आगामी दिनों में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ ऑक्सीजन की खपत बढ़ने से संकट पैदा हो सकता है। जीएमसी प्रशासन के अनुसार स्टॉक में करीब तीन हजार बड़े सिलेंडर उपलब्ध रखे गए हैं, जिनमें प्रतिदिन 350 तक सिलेंडर इस्तेमाल हो रहे हैं और उन्हें नियमित रूप से विभिन्न यूनिटों के माध्यम से भराया जा रहा है। इसमें प्रति सिलेंडर में 7000 लीटर की क्षमता होती है।
इसी तरह लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट की 20 हजार लीटर ( 20 किलो लीटर) क्षमता है। जिससे मरीजों को हाई फ्लो ऑक्सीजन की सप्लाई दी जा रही है। जीएमसी में 400 बेड पर ऑक्सीजन की सप्लाई दी गई है, जिसमें सीसीयू, एचडीयू, आइसोलेशन, वार्ड 3 सहित 8 यूनिट शामिल हैं।
इसी तरह गांधीनगर के नए जच्चा बच्चा कोविड अस्पताल में मैनीफोल्ड के माध्यम से मरीजों को ऑक्सीजन की सप्लाई दी जा रही है, यहां हर दिन 150 से 200 सिलेंडरों की खपत हो रही है, जबकि अभी आधे बेड खाली हैं। लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ने पर सिलेंडरों की खपत बढ़ने से किल्लत हो सकती है।
सीडी कोविड अस्पताल में 110 बेड हैं, जिनमें मरीजों के लिए मैनीफोल्ड से ऑक्सीजन की सप्लाई की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तीय आयुक्त अटल डुल्लू ने दावा किया कि दस हजार बड़े और तीन हजार छोटे आक्सीजन के सिलेंडर उपलब्ध हैं। अगले सप्ताह तक 23 अस्पतालों में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट भी काम करने लगेंगे।