फिदायीन हमले को विफल बनाने वाली सीआरपीएफ की 45वीं बटालियन की कमान इकबाल अहमद संभाल रहे हैं। इकबाल सहरी के बाद नमाज के लिए अजान का इंतजार कर रहे थे, तभी उन्होंने संदिग्ध हलचल देखी।
विज्ञापन
2 of 5
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी
- फोटो : File Photo
साथ ही फायरिंग की आवाज सुनी। इसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और हमले को विफल बनाया। उनके साहस के लिए डीजी सीआरपीएफ और डीजी जेकेपी ने कमंडेशन मेडल से सम्मानित किया। इकबाल अहमद उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद के रहने वाले हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं।
विज्ञापन
3 of 5
सीआरपीएफ
- फोटो : File Photo
17 मार्च, 1970 में जन्मे चार भाइयों में से इकबाल सबसे बड़े हैं। उन्हें पहली पोस्टिंग दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में मिली और सीआरपीएफ की 89वीं बटालियन में कई साल दिए। 2011 से 2015 तक वे कश्मीर में तैनात रहे।
4 of 5
election
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव तथा 2014 के लोकसभा चुनाव में बेहतर काम के लिए उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।