जम्मू-कश्मीर के उत्तरी कमांड उधमपुर में वीरवार को भव्य अलंकरण समारोह हुआ, जिसमें जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह मुख्य ने अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह में 111 मेडल प्रदान कर जवानों की वीरता को सलाम किया गया। 91 सैन्य अधिकारियों व जवानों को आतंकियों को मार गिराने, सीमा पर दुश्मनों के छक्के छुड़ाने और अन्य प्रतिष्ठित कार्यों के लिए सेना मेडल वीरता, सेना मेडल विशिष्ट व विशिष्ट सेवा मेडल देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही 20 सैन्य यूनिटों को यूनिट प्रशंसा पत्र देकर सम्मान दिया गया।
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- फोटो : अमर उजाला
अलंकरण समारोह में कुल 111 मेडल व पुरस्कार दिए गए जिनमें से 76 को सेना मेडल, सात को सेना मेडल प्रतिष्ठित सेवा, आठ को विशिष्ट सेवा मेडल और 20 सैन्य यूनिटों को यूनिट प्रशंसा पत्र दिए गए।
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उत्तरी कमांड में जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह के कार्यक्रम में पहुंचने के बाद सुबह साढ़े नौ बजे कार्यक्रम की शुरुआत हुई। सबसे पहले मरणोप्रांत अशोक चक्र विजेता लांस नायक नजीर अहमद वानी को सेना मेडल से नवाजा गया।
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वानी की पत्नी महजबीन ने मेडल ग्रहण किया। 25 नवंबर, 2018 को नजीर अहमद वानी ने एक आपरेशन के दौरान छह आतंकियों मार कर वीरगति प्राप्त की थी। इस उपलब्धि के लिए 26 जनवरी को राष्ट्रपति ने नजीर अहमद वानी को मरणोप्रांत अशोक चक्र से साथ सम्मानित किया था।
इसके बाद कर्नल चरण प्रीत सिंह को तीन आतंकियों का मार गिराने, कर्नल समर राघव को तीन आंतकियों को मारने, कर्नल आशुतोष शर्मा को एक आतंकी को मारने, लेफ्टिनेंट कर्नल रजत व्यास को एक आतंकी को मारने व एक को जख्मी करने के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया गया। कुल 76 सैन्य अधिकारियों व जवानों को सेना मेडल दिए गए। ज्यादातर पुरस्कार कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में आतंकियों को मौत के घाट उतारने वाले जवानों को दिए गए हैं। मेडल हासिल करने वालों में आठ शहीद जवानों की पत्नियों व माताओं ने सम्मान प्राप्त किया। वहीं, आठ सैन्य अधिकारियों को सेना मेडल विशिष्ट व आठ को विशिष्ट सेवा मेडल से नवाजा गया।