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अलंकरण समारोह: मेडल लेते ही भर आईं शहीदों के परिजनों की आंखें, पढ़िए जांबाजों की शौर्यगाथा

Fri, 28 Feb 2020 02:22 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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अलंकरण समारोह: - फोटो : अमर उजाला
उत्तरी कमान में आयोजित अलंकरण समारोह में आठ शहीदों को मरणोपरांत सेना वीरता मेडल से सम्मानित किया गया। इनके परिवार के सदस्यों ने यह पुरस्कार हासिल किया। किसी की पत्नी, मां या फिर पिता पुरस्कार लेने के लिए पहुंचे थे। जब इन शहीद जवानों की नाम की घोषणा हुई तो पूरा ऑडिटोरियम तालियों के गूंज उठा।

 
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Investiture ceremony - फोटो : अमर उजाला
शहीद मेजर की पत्नी बनी सेना में अफसर
शहीद मेजर कौस्तुभ प्रकाश राणे को सेना वीरता मेडल से सम्मानित किया गया। सात अगस्त 2018 को वह कश्मीर में आतंक विरोधी अभियान का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने सटीक गोलीबारी से चार आतंकियों को घायल कर दिया और दो को मार गिराया। गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल होने के कारण मातृभूमि की सेवा में अपने प्राणों का बलिदान ले दिया। उनकी पत्नी कनिका राणे ने यह पुरस्कार लिया। मौजूदा समय में कनिका भी सेना की अधिकारी बन चुकी हैं। वह चेन्नई में प्रशिक्षण हासिल कर रही हैं।

 
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Investiture ceremony - फोटो : अमर उजाला
हवलदार जोरावर के हौसले को सलाम
हवलदार जोराबर सिंह ने 21 मार्च 2018 को जम्मू-कश्मीर के जंगलों में आतंक विरोधी खोजी अभियान चलाया। घनी झाड़ियों की आड़ में आतंकवादी ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, लेकिन उन्होंने चीते की फुर्ती से कार्रवाई करते हुए आतंकियों के भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए। दुश्मन की गोली लगने के बावजूद गोलीबारी जारी रखते हुए एक आतंकी को मार गिराया। गंभीर रूप से घायल होने के कारण वह शहीद हो गए। जोरावर सिंह की पत्नी सरंजना कुमारी को यह पुरस्कार दिया गया।

 

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Investiture ceremony - फोटो : अमर उजाला
नायक रंजीत ने आतंकी मारा, हुए शहीद
नायक रंजीत खालके को मरणोप्रांत सेना मेडल वीरता के साथ सम्मानित किया गया। जम्मू कश्मीर के एक गांव में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में रंजीत खालके ने एक आतंकी को मार गिराया था। हालांकि इसी मुठभेड़ में वह आतंकी गोलीबारी में शहीद हो गए। शहीद की पत्नी रोनेल खालके को यह पुरस्कार दिया गया।
 
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Investiture ceremony - फोटो : अमर उजाला
साथियों की जान बचाते हुए किशोर ने दी जान
किशोर कुमार मुन्ना को मरणोप्रांत को सेना मेडल वीरता के साथ सम्मानित किया गया। किशोर कुमार चार फरवरी 2018 को जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ विरोधी अभियान में तैनात थे। अचानक सीजफायर उल्लंघन के दौरान दुश्मन के गोले से जनरेटर शेड में आग लग गई और कई जवान आग में फंस गए। किशोर कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना सभी साथियों को सुरक्षित बंकरों में भेजा। इसके बाद दुश्मन की गोलीबारी की परवाह किए बना आग बुझाने में लग गए। हालांकि इस दौरान वह शहीद हो गए। अलंकरण समारोह में उनकी मां तुलो देवी को यह पुरस्कार दिया गया।

 
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Investiture ceremony - फोटो : अमर उजाला
आतंकियों के लिए दीवार बन गए सिपाही हैप्पी
सिपाही हैप्पी सिंह को मरणोपरांत सेना मेडल वीरता के साथ नवाजा गया। 27 सितंबर 2018 को एक आतंक विरोधी अभियान के दौरान दो आतंकियों ने घेराबंदी तोड़ते हुए अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दी। गोलीबारी में हैप्पी सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, घायल होने के बावजूद जान की परवाह न करते हुए उन्होंने साथी को कवर फायर दिया और इसके फलस्वरूप साथी ने आतंकी को मार गिराया। लेकिन हैप्पी सिंह शहीद हो गया। हैप्पी सिंह के पिता देवराज सिंह को पुरस्कार दिया गया।
 
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Investiture ceremony - फोटो : अमर उजाला
घातक दल के राइफलमैन मंदीप ने दिखाई जांबाजी
राइफलमैन मंदीप सिंह रावत छह अगस्त 2018 को जम्मू-कश्मीर में घातक दल के सदस्य के रूप में एक पोस्ट पर तैनात थे। रात को आठ आतंकवादियों की हरकत दिखाई दी। इस पर उन्होंने आतंकियों को मारने के लिए घात लगाई और चार को घायल कर दिया। इस दौरान एक आतंकी ने ग्रेनेड हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद एक आतंकी को मार गिराया और खुद गंभीर रूप से घायल होने के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए। मंदीप सिंह की माता सुमा देवी को यह पुरस्कार दिया गया।

 

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Investiture ceremony - फोटो : अमर उजाला
ग्रेनेडियर अजय ने मारा गिराया दहशतगर्द
ग्रेनेडियर अजय कुमार को भी मरणोपरांत सेना मेडल वीरता से सम्मानित किया गया। 17 फरवरी 2019 को वह जम्मू कश्मीर के एक गांव में तैनात थे। आतंकवादी छिपे होने की सूचना मिलने पर तुरंत अपने दल के साथ निर्धारित स्थान पर पहुंचे। आतंकवादियों की तरफ से की गई अंधाधुंध गोलीबारी में घायल होने के बावजूद एक आतंकी को मार गिराया, हालांकि वह शहीद हो गए। उनकी पत्नी प्रियंका को यह पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

 
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Investiture ceremony - फोटो : अमर उजाला
सवार किशन ने एक आतंकी मारा, दूसरा पकड़ा
सवार किशन सिंह ने 15 दिसंबर 2018 को जम्मू कश्मीर के एक गांव में एक आतंकी विरोधी अभियान में अपने दल को लक्ष्य तक पहुंचाया। ठिकाने के नजदीक पहुंचने पर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी और ग्रेनेड हमला भी कर दिया। हमले में घायल होने के बावजूद किशन सिंह ने एक आतंकी को मार गिराया और एक अन्य आतंकी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। अंतिम सांस तक लड़ते हुए किशन सिंह शहीद हो गए।
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