गीदड़ भभकियां देने वाला पाकिस्तान इतिहास के पन्नों को पलटकर बड़ा सबक ले सकता है। लेकिन वह अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आता है। इसी क्रम में वह आए दिन भारतीय सेना के हाथों मात खाता है। एक ऐसी ही घटना 1965 में भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान हुई। उस रोज भारतीय वायुसेना के विमान 100 फीट की ऊंचाई पर 1100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से एलओसी पार करके पाकिस्तान पहुंच गए।
तस्वीरों में देखें भारतीय जांबाजों ने कैसे उड़ा दी थी पाकिस्तान की नींद-
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भारतीय वायु सेना (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
1965 में भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के 4 हंटर विमानों ने 580 नॉट्स की रफ्तार से एलओसी पार कर ली।
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भारतीय वायु सेना (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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इन विमान में सवार भारतीय वायुसेना के कुछ पायलट को पाकिस्तान के रायविंड रेलवे स्टेशन के यार्ड में एक मालगाड़ी जाती दिखी।
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भारतीय वायु सेना (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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पायलट ने देखा कि इस ट्रेन में भारी मात्रा में हथियार और बख्तरबंद गाड़ियां हैं। लड़ाकू विमान में सवार पायलट ने तय किया कि इस ट्रेन पर हमला किया जायेगा।
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भारतीय वायु सेना (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
इसके बाद पायलट ने देखा कि वहां दो पाकिस्तानी विमानभेदी टैंक भी मौजूद हैं। सभी पायलट ने इन टैंकों को चकमा देने का प्लान बनाया।
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भारतीय वायु सेना (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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सभी पायलट ने तोप को धोखा देने के लिए जानबूझकर स्टेशन के ऊपर उड़ान भरकर ये दिखाने की कोशिश की कि उन्होंने ट्रेन को देखा ही नहीं।
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भारतीय वायु सेना (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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लड़ाकू विमान उड़ते हुए दूर तक गए और तेजी से मुड़ते हुए पूरी ट्रेन पर ताबड़तोड़ बम बरसा दिए।
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भारतीय वायु सेना (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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करीब 10 रॉकेट से किए गए घातक हमले से पाकिस्तान के हथियारों से भरी ट्रेन के परखच्चे उड़ गए। हमला इतना तेज था कि ट्रेन के 3 डिब्बे हवा में उड़ गए।
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भारतीय वायु सेना (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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इस हमले के बाद ट्रेन में रखे विस्फोटक फटने लगे जिससे पूरी ट्रेन तहस-नहस हो गई। ट्रेन के पीछे का जो हिस्सा बचा था उसे सेना ने रॉकेट हमले से उड़ा दिया।
इस हमले का असर ये हुआ कि पाकिस्तानी सेना की कमर टूट गई और इतने बड़े जखीरे के नष्ट हो जाने के कारण उसके पास हमला करने के लिए बहुत कम टैंक और हथियार रह गए थे।