भारतीय सेना की जिस पैरा कमांडो फोर्स ने पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया उसे दुनिया की सबसे खतरनाक सेनाओं में से एक माना जाता है । आधुनिक हथियारों और स्पेशल ट्रेनिंग वाले ये जवान आतंकियों के लिए मौत का दूसरा नाम कहे जाते हैं ।
विज्ञापन
2 of 10
Para Force
- फोटो : File Photo
पैरा कमान भारतीय सेना की पैराशूट रेजीमेंट की एक विशेष टुकड़ी है । इस टुकड़ी को अक्सर सेना के स्पेशल आपरेशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है ।
विज्ञापन
3 of 10
para
- फोटो : File Photo
आतंकी घटनाओं के दौरान या सरहद की किसी विपरीत परीस्थिति में पैरा कमांडो को स्पेशल ऑपरेशंस के लिए भेजा जाता है।
4 of 10
PARA FORCE
- फोटो : File Photo
सेना के ये जवान स्पेशल आपरेशन के साथ साथ आतंकी हमलों को नाकाम करने के लिए होने वाले आपरेशन, सेना की डायरेक्ट एक्शन आपरेशन जैसी बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते है ।
विज्ञापन
5 of 10
para
- फोटो : File Photo
सेना की पैराशूट रेजीमेंट का गठन 1941 के द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान किया गया था । ये रेजीमेंट दुनिया में सेना की सबसे पुरानी हवाई रेजीमेंट में से एक मानी जाती है ।
विज्ञापन
6 of 10
PARA FORCE
- फोटो : File Photo
1965 के भारत पाक युद्ध से लेकर कारगिल की लड़ाई तक पैराशूट रेजीमेंट की इस पैरा फोर्स ने बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है ।
विज्ञापन
7 of 10
PARA FORCE
- फोटो : File Photo
पैरा कमांडो हवाई रास्ते से आतंकी हमले के स्थान पर उतर कर हमले को नाकाम करने में अपने महारथ के लिए जाने जाते हैं ।
8 of 10
PARA FORCE
- फोटो : File Photo
पैरा कमांडो के पास अत्याधुनिक तकनीकों से लैस हथियार है । सेना की इस स्पेशल फोर्स के पास MPI-KMS72, SVD Dragunov, IWI Galil Sniper S जैसी हाइटेक राइफल मौजूद होती हैं ।
9 of 10
PARA FORCE
- फोटो : File Photo
पैरा कमांडो को इनकी 45 महीने की कड़ी ट्रेनिंग के दौरान करीब 50 बार 33500 फीट की ऊंचाई से कूदने की ट्रेनिंग दी जाती है ।
पैरा कमांडो अपनी मूवमेंट के लिए हरक्युलिस विमानों और चेतक हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल करते है । पैरा कमांडो हर साल रूस,अमेरिका और इजराइल जैसे देशों की सेना के साथ संयुक्त युद्धाभ्यासों में हिस्सा लेती है ।