कश्मीर में आतंकियों के नापाक इरादों को नाकाम करने के लिए सेना की जिस रेजीमेंट को मुख्य रूप से घाटी के तमाम हिस्सों में तैनाती दी गई है उसे आतंकियों के लिए मौत का दूसरा नाम कहा जाता है। तस्वीरों में जाने भारतीय सेना की इस जांबाज रेजीमेंट से जुड़ी अहम बातें :
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pampore encounter
- फोटो : PTI
6 अशोक चक्र, 34 कीर्ति चक्र, 221 शौर्य चक्र और 1508 सेना मेडल से सम्मानित हो चुकी इस रेजीमेंट ने हजारों आतंकियों को अपने खौफ से नेस्तनाबूत किया है ।
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pampore encounter
- फोटो : PTI
सेना के जांबाज जवानों की फौज राष्ट्रीय रायफल्स को काउंटर इनसरजेंसी आपरेशन के लिए महारथ के कारण जाना जाता है ।
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- फोटो : file photo
इसके आतंकवाद निरोधी कारनामों के कारण इस रेजीमेंट को अब तक 6 अशोक चक्र, 34 कीर्ति चक्र, 221 शौर्य चक्र और 1508 सेना मेडल से सम्मानित किया जा चुका है ।
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- फोटो : File Photo
सेना की इस फौज के जवानों ने देश के कई इलाकों खासतौर से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और उग्रवाद को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।
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- फोटो : FILE PHOTO
राष्ट्रीय राइफल्स को सैन्य कार्रवाई के उसके कौशल के कारण सेना की सबसे तेज और घातक टुकड़ियों में से एक माना जाता है।
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- फोटो : Amar Ujala
राष्ट्रीय राइफल्स को पूरे जम्मू-कश्मीर में अलग अलग जगहों पर तैनाती दी गई है । इनमें कश्मीर के अनंतनाग, डोडा, बारामुला, पुंछ, कुपवाड़ा और किश्तवाड़ जैसे जिले शामिल हैं ।
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- फोटो : PTI
राष्ट्रीय राइफल्स में कुल 66 बटालियन हैं ।इन सभी बटालियन के जवानों के पास सेना के सबसे हाइटेक हथियार मौजूद होते हैं ।
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हंदवाड़ा मुठभेड़
राष्ट्रीय राइफल्स ने अब तक करीब 17000 हजार आतंकवादियों को उनके खतरनाक मंसूबे कामयाब करने से रोका है ।