सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के साथ-साथ क्षेत्र के बच्चों के भविष्य निर्माण में भी सेना अग्रणी भूमिका निभा रही है। भारतीय सेना ने स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू के सहयोग से किश्तवाड़ जिले के दूरदराज और पिछड़े क्षेत्र छात्रू में छात्र विकास कार्यक्रम शुरू किया है। यह कार्यक्रम चार फेज में बांटा गया है, जिसमें बुनियादी ट्यूशन, मेधावी बच्चों के लिए विशेष कोचिंग, मॉडल स्कूल का विकास और कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू ने सेना के साथ इस कार्यक्रम की शुरुआत पिछले वर्ष नवंबर में की थी। अब इस कार्यक्रम में बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं। कोरोना काल में स्कूल नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बंद हैं, ऐसे में सेना की पहल युवाओं के लिए शिक्षा संजीवनी की तरह काम कर रही है। कोविड एसओपी का पालन करते हुए सेना छात्रों को ऑफलाइन और ऑनलाइन शिक्षा मुहैया करवा रही है। इसमें सेना के कर्नल, मेजर और ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारी बच्चों के साथ संवाद करते हैं।