आज वायुसेना दिवस है। आज भारतीय वायुसेना ने अपने 85 वर्ष पूरे किये। आज 85वें वायुसेना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित अन्य लोगों ने वायु सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। वायुसेना दिवस के इस खास मौके पर तस्वीरों में देखें भारतीय वायुसेना की ताकत माने जाने वाले हाइटेक विमान
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राफेल
राफेल सिर्फ एक मिनट में 60 हज़ार फुट की ऊंचाई तक जाने में सक्षम है, वहीं इसकी मारक क्षमता करीब 3700 किलोमीटर है और यह 2200 से 2500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से उड़ सकता है। राफेल लड़ाकू विमानों की सबसे खास बात यह है कि इसमें नए दौर की दृश्य से ओझल होने में सक्षम ‘मिटिअर’ मिसाइल और इजराइली प्रणाली भी है।
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सुखोई एसयू-३० एमकेआई
सुखोई ३० एमकेआई भारतीय वायुसेना का बेहद हाइटेक लड़ाकू विमान है। इस लड़ाकू विमान को भारत ने रूस की मदद से मिलकर बनाया है । भारतीय वायुसेना का यह विमान ३००० किमी की दूरी तक जा कर हमला कर सकता है। इसके एएल-३१ टर्बोफैन इन्जन इसे २६०० किमी प्रति घण्टे की गति देते हैं। यह विमान हवा में ईन्धन भर सकता है। इस विमान में मिसाइल लांचिग की तकनीकी के साथ 30 मिमी की एक तोप भी लगी हुई है
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तेजस
भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल तेजस वायुसेना के सबसे हल्के लड़ाकू विमानों में से एक है । ये विमान 1850 किमी की रफ्तार से उड़ सकता है और ये समंदर के ऊपर, राजस्थान के रेगिस्तान में कश्मीर और उत्तर-पूर्व के पर्वतीय इलाकों में भारत के सामने आने वाली हर चुनौती का माकूल जवाब देने की ताकत से लैस है।
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मिग-29
भारतीय वायुसेना का ये लड़ाकू विमान 65000 फीट तक की ऊंचाई पर उड़ सकता है । 2400 किमी की रफ्तार से उड़ने वाला ये लड़ाकू विमान एक बार में 1450 किमी की दूरी तक जाकर हमला कर सकता है । भारतीय वायुसेना के इस विमान को सेना के सबसे हाइटेक सुपरसोनिक विमानों में से एक माना जाता है ।
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airforce day
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सेपेकैट जगुआर
भारतीय वायुसेना के इस हाइटेक विमान से 36500 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरी जा सकती है । 1700 किमी प्रतिघंटे की तेज रफ्तार उड़ने वाला ये विमान एक बार में 925 किमी की दूरी पर दुश्मन को नेस्तनाबूत कर सकता है ।
सी-17 ग्लोबमास्टर
ग्लोबमास्टर कारगिल, लद्दाख और अन्य उत्तरी और उत्तर पूर्वी सीमाओं पर यह आसानी से उतर सकता है। सीमा के अलावा देश में कहीं भी आपात काल जैसी स्थिति बनने पर यह अपनी ताकत दिखाएगा। ग्लोबमास्टर सामान्य स्थिति में 3500 फीट की हवाई पट्टी पर लैंड कर सकता है । सी-17 ग्लोबमास्टर 150 से अधिक जवानों को एक साथ ले जाने में सक्षम है । साथ ही ये एक साथ 03 हेलीकॉप्टरों या दो ट्रकों को एयरलिफ्ट करने की ताकत भी रखता है ।