उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में शनिवार को आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए ग्रनेडियर सहदेव मारुति और एनके शिंदे को आज बादामी बाग इलाके में पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई गई।
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कुपवाड़ा मुठभेड़: 'मास्टर' और मौर्या को साथियों का अंतिम सलाम
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कल आतंकी से लोहा लेते हुए दोनों जवानों ने देश के लिए अपने प्राण गबां दिए थे। 34 साल के एनके शिंदे ने साल 2000 में 11 मराठा बटालियन को ज्वॉइन किया था।
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कुपवाड़ा मुठभेड़: 'मास्टर' और मौर्या को साथियों का अंतिम सलाम
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शिंदे को साल 2012 में साउथ सूडान में तैनात की यूएन पीसमेकर की बटालियन के हिस्सा भी रह चुके हैं। शहीद एनके शिंदे की असाधारण शिक्षण क्षमताओं और सामरिक कौशल उनके साथी उन्हें उपनाम 'मास्टर' कहकर बुलाते थे।
कुपवाड़ा मुठभेड़: 'मास्टर' और मौर्या को साथियों का अंतिम सलाम
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शहीद एनके शिंदे के दो बच्चे हैं। एक छह साल की बेटी वैष्णवी और एक डेढ़ साल का बेटा ओम है।
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कुपवाडा हमले में शहीद हुए 26 साल के जवान ग्रनेडियर सहदेव मारुति बीजापुर कर्नाटक के बीजापुर के रहने वाले थे। ग्रनेडियर सहदेव के साथी उनके अदम्य साहस के चलते उन्हें 'मौर्या' कहकर बुलाते थे।
कुपवाड़ा मुठभेड़: 'मास्टर' और मौर्या को साथियों का अंतिम सलाम
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शुरु से पढ़ाई में अव्वल रहने वाले ग्रनेडियर सहदेव अपने जिले के नामी कब्बडी और वॉलीबाल प्लेयर थे। जल्द ही अपने जीवन साथी चुनने जा रहे ग्रनेडियर सहदेव को क्या पता था कि अपने जिस लड़की को चुना था उससे वह शादी नहीं कर पाएंगे।
ग्रनेडियर सहदेव पिछले एक साल से अपनी शादी को रोक रखा था। वह चाहते थे लड़की अपनी पढ़ाई खत्म कर ले इसके बाद वह उसके साथ शादी करेंगे। अपने साथियों को अंतिम विदाई के लिए सेना के सभी अफसर और जवान मौजूद रहे।