फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या जानते हैं आप, भगवान शिव से भी हुई थी एक गलती

विज्ञापन
1 of 10
जम्मू के उधमपुर से कुछ दूरी पर चिनैनी में सुद्धमहादेव मंदिर है। जितना विख्यात यह मंदिर है उतना ही रोचक यहां का इतिहास है। बताया जाता है कि देवी पार्वती इस स्थान पर ध्यान लगाकर बैठी थीं। तभी वहां पर एक राक्षस सुद्धांत आया।
Trending Videos
विज्ञापन

क्या जानते हैं आप, भगवान शिव से भी हुई थी एक गलती

2 of 10
सुद्धांत ने देवी पार्वती को देखा और उनका सौंदर्य देखकर वह उन्हें नमन करने के ल‌िए आगे बढ़ा। लेकिन पार्वती उसको देखकर डर गई और जोर से चिल्लाईं।
विज्ञापन

क्या जानते हैं आप, भगवान शिव से भी हुई थी एक गलती

3 of 10
दूसरी मान्यता है कि सुद्धांत ने देखा कि कोई भोलेनाथ की आराधना कर रहा है, कहीं पार्वती उससे पहले भोलेनाथ से कोई वर न मांग लें, वह अपनी आवाज से उन्हें डराने लगा, जिससे वह डर गई और चिल्लाने लगीं।

क्या जानते हैं आप, भगवान शिव से भी हुई थी एक गलती

4 of 10
वहीं दूसरी तरफ भोलेनाथ भी कैलाश में ध्यान मग्न थे। उन्होंने बिना देखे ही अपना त्रिशुल फेंका और सुद्धांत के प्राण ले लिए। जैसे ही सुद्धांत को त्रिशुल लगा तो उसने भोलेनाथ से मदद की गुहार लगाई। वह हर हर महादेव, बम बम बोले, हर हर महादेव, ऊं नमः शिवाय का जाप करने लगा। भोलेनाथ का वह त्रिशुल आज भी यहां पर है।
विज्ञापन

क्या जानते हैं आप, भगवान शिव से भी हुई थी एक गलती

5 of 10
भोलेनाथ ने अपनी आंखे खोली और देखा तो वह दंग रह गए। उन्हें अपनी भूल का अहसास हुआ और उन्होंने सुद्धांत को दर्शन दिए। उन्होंने सुद्धांत से समक्ष उसे पुनः जीवित करने का प्रस्ताव भी रखा लेकिन सुद्धांत नहीं माना।
विज्ञापन

क्या जानते हैं आप, भगवान शिव से भी हुई थी एक गलती

6 of 10
इसके बाद भोलेनाथ ने उसे वरदान मांगने को कहा तो उसने वर मांगा कि इस स्‍थान को उसके और भोलेनाथ के नाम से जाना जाए। भोलेनाथ ने वरदान दिया कि इस स्‍थान पर मेरे नाम से पहले तुम्हारा नाम लिया जाएगा। इसके बाद से यह स्‍थान सुद्धमहादेव कहलाया जाने लगा। इस स्‍थान पर मंदिर बनने की कहानी भी कम रोचक नहीं है।
विज्ञापन

क्या जानते हैं आप, भगवान शिव से भी हुई थी एक गलती

7 of 10
स्थानीय बुजुर्गों की मानें तो सुद्धमहादेव से करीब एक किलोमीटर दूर एक गांव में खेत जोतते समय ये मूर्तियां चमत्कारिक रूप से मिली थीं। किसान जब हल चला रहा था तो जमीन से खून निकलने लगा।

क्या जानते हैं आप, भगवान शिव से भी हुई थी एक गलती

8 of 10
किसान डर गया कि उसने कोई पाप तो नहीं कर दिया, लेकिन जब उसने जमीन खोद कर देखा तो जमीन में एक सुंदर मूर्ति भगवान शिव के परिवार की थी। उसे उठाकर वह चिनैनी के राजा के पास लाने लगा।

क्या जानते हैं आप, भगवान शिव से भी हुई थी एक गलती

9 of 10
किसान जब सुद्धमहादेव पहुंचा तो उसने विश्राम करने के लिए जब मूर्ति को जमीन पर रखा और बाद में उठाने लगा तो मूर्ति नहीं उठाई गई। इसके बारे में उसने चिनैनी के राजा को बताया और राजा भी अपने सिपाहियों के साथ सुद्धमहादेव पहुंचे और उन्होंने भी मूर्ति उठाने का प्रयास किया।
विज्ञापन

क्या जानते हैं आप, भगवान शिव से भी हुई थी एक गलती

10 of 10
जब मूर्ति किसी हालत में नहीं उठाई गई तो वहां पर ही मंदिर का निर्माण कर दिया गया। आज भी इस मंदिर में जो कामना की जाए वह पूरी हो जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें