दो दिवसीय दौरे पर जम्मू-कश्मीर पहुंचे रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने नार्दर्न ग्लेशियर का जहां हवाई सर्वे किया, वहीं सियाचिन के आधार शिविर पर तैनात जवानों से रूबरू भी हुए।
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नार्दर्न ग्लेशियर पहुंचे रक्षा मंत्री, जवानों का हौसला बढ़ाया
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रक्षा मंत्री का पदभार संभालने के बाद दूसरी बार रियासत पहुंचे रक्षा मंत्री ने सेना के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर सीमा सुरक्षा और जम्मू-कश्मीर की आंतरिक सुरक्षा संबंधी जानकारी ली।
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लेह से श्रीनगर लौटकर राज्यपाल एनएन वोहरा और मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद से मुलाकात की। उनके साथ सेना अध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग और उत्तरी कमान के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा भी थे।
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रक्षा मंत्री शनिवार सुबह जम्मू के लिए रवाना होंगे। वे पुंछ सेक्टर में एलओसी का भी जायजा लेंगे। शुक्रवार सुबह रक्षा मंत्री लद्दाख के थोयसे पहुंचे और वहां से हेलीकाप्टर द्वारा सियाचिन रवाना हुए।
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इस दौरान उन्होंने चीन से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का हवाई सर्वे किया। लेह में सेना की 14 कोर के जीओसी ने उन्हें एलएसी के अलावा पाकिस्तान से लगती एलओसी पर सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी।
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वहां से रक्षा मंत्री वापस श्रीनगर पहुंचे और राजभवन में राज्यपाल एनएन वोहरा से भेंट कर रियासत की सीमा और अंदरूनी सुरक्षा पर विचार-विमर्श किया। साथ ही पिछले कुछ समय से अंतर्राष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर हो रही घुसपैठ पर चर्चा की।
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इस दौरान सेना के उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे। उसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के साथ बैठक की।
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राज्यपाल एनएन वोहरा ने रक्षा मंत्री को सेना के अधीन रियासत की जमीन वापसी के लिए हस्तक्षेप करने को कहा। इसमें सतवारी एयरपोर्ट और जम्मू यूनिवर्सिटी स्थित आर्मी ट्रांजिट कैंप के अलावा कारगिल एयरपोर्ट के रन-वे विस्तार का मामला शामिल है। राज्यपाल ने कहा कि इस संबंध में पहले ही रक्षा मंत्रालय को लिखा जा चुका है।