बेमौसम बारिश काल बन गई है। जिला मुख्यालय से करीब 43 किलोमीटर दूर देसा के दवाल कुंड गांव में शुक्रवार की सुबह पहाड़ी खिसकने से भारी मलबा एक मकान पर आ गिरा।
विज्ञापन
कमजोर दिल वाले इन तबाही की तस्वीरों को ना देखें
2 of 14
इससे घर ध्वस्त हो गया और उस परिवार के सभी सात दफन हो गए। मृतकों में चार छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
विज्ञापन
कमजोर दिल वाले इन तबाही की तस्वीरों को ना देखें
3 of 14
देर शाम तक सेना ने मलबे से मां और एक बेटी के शव को बाहर निकाला था। बाकी को खोलने के लिए अभियान जारी था। (फोटो-आकाशदीप)
कमजोर दिल वाले इन तबाही की तस्वीरों को ना देखें
4 of 14
जानकारी के अनुसार जिस समय हादसा हुआ, उस समय घर में सतीश कुमार (36), उसकी पत्नी सुषमा देवी, उसकी बेटियां अंजना (8), बिंदू (3), बेटे केवल (5), रेवन (1) और सतीश का साला सुरेश कुमार (16) थे।
विज्ञापन
कमजोर दिल वाले इन तबाही की तस्वीरों को ना देखें
5 of 14
सभी को घर से भागने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने हालांकि तुरंत मलबा हटाना शुरू किया।
विज्ञापन
कमजोर दिल वाले इन तबाही की तस्वीरों को ना देखें
6 of 14
आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित सेना की पोस्ट और पुलिस को भी सूचित किया।
विज्ञापन
कमजोर दिल वाले इन तबाही की तस्वीरों को ना देखें
7 of 14
सड़क ठीक नहीं होने के कारण सेना भी काफी देर से पहुंची।
कमजोर दिल वाले इन तबाही की तस्वीरों को ना देखें
8 of 14
एसएसपी डोडा जाहिद नसीम मन्हास ने बताया कि भारी बारिश के बावजूद सेना की 10 आरआर और पुलिस पैदल ही घटना स्थल की ओर निकल पड़े।
कमजोर दिल वाले इन तबाही की तस्वीरों को ना देखें
9 of 14
साढ़े चार बजे के कारीब मलबा हटाने का काम लोगों के साथ मिलकर शुरू किया गया।
कमजोर दिल वाले इन तबाही की तस्वीरों को ना देखें
10 of 14
करीब आठ बजे सुषमा और उसकी एक बेटी का शव निकाला जा चुका था।
कमजोर दिल वाले इन तबाही की तस्वीरों को ना देखें
11 of 14
देसा के दवाल कुंड में एक परिवार के सात लोगों के दफन होने से उन गांवों के लोगों कांप उठे हैं, जो पहाड़ी की ढलान पर बसे हैं।
कमजोर दिल वाले इन तबाही की तस्वीरों को ना देखें
12 of 14
दरअसल कई दिन से प्रेम नगर, कुड धार, गंदोह के ढढकाई, चिल्ली हदल मना, कलैतरान, ककौटी, चालर चनयास, घघरौट, कास्तीगढ़ आदि गांव पर मलबा आने का खतरा बरकरार है।
कमजोर दिल वाले इन तबाही की तस्वीरों को ना देखें
13 of 14
कई गांवों में दर्जनों घरों को प्रशासन ने खाली करवा दिया है। लोग सरकारी जगहों या अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं।