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कुपवाड़ा को दहलाने की साजिश नाकाम, मिला वो घातक हथियार जिसका उपयोग करते हैं पैराकमांडो

Sat, 25 Jul 2020 09:56 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला
उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में बकरीद के मौके पर आईईडी हमले की साजिश को सुरक्षाबलों ने नाकाम करते हुए हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। सुरक्षाबलों ने एक महिला और चार आतंकियों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से आईईडी में इस्तेमाल होने वाली विस्फोटक सामग्री, मल्टी ग्रेनेड लांचर और 40 एमएम के तीन ग्रेनेड भी बरामद किए गए हैं। आंतकी मॉड्यूल का नेतृत्व बारामुला निवासी महिला कर रही थी। तीन अन्य आतंकी अनंतनाग और बडगाम के हैं। सभी को तीन अलग-अलग ऑपरेशन में पकड़ा गया है।
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भारतीय सेना - फोटो : amar ujala
खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि आतंकी कुपवाड़ा में आईईडी हमले की साजिश रच रहे हैं। इसे एक महिला की निगरानी में अंजाम दिया जाएगा। बडगाम के तीन युवक भी इस साजिश में शामिल हैं। इस जानकारी पर सुरक्षाबलों ने 21 जुलाई को बडगाम जिले में हिजबुल के दो ओजीडब्ल्यू साहिल बशीर और अतहर यूसुफ को भारी मात्रा में हथिायर और विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया। इनसे आईईडी बनाने के सामग्री के अलावा 40 एसएम के तीन एमजीएल ग्रेनेड भी बरामद किए गए हैं।
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भारतीय सेना - फोटो : amar ujala
इनसे पूछताछ के बाद सुरक्षाबलों ने अनंतनाग जिले के कोकरनाग से 22 जुलाई को तीसरे युवक को गिरफ्तार किया। उसके पास से संदिग्ध सामग्री बरामद हुई। जेआईसी कुपवाड़ा में पूछताछ के दौरान उसने बताया कि इस मॉड्यूल को बारामुला की एक महिला पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारों पर चला रही है।

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भारतीय सेना - फोटो : amar ujala
पूछताछ तेज, कुछ और अहम सुराग मिलने की संभावना
पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ के आधार पर 23 जुलाई को बारामुला से महिला को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उससे भी आपत्तिजनक सामग्री मिली है। फिलहाल सभी से पूछताछ चल रही है। कई अन्य अहम सुराग हाथ लगने की संभावना है।

 
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भारतीय सेना - फोटो : साकिब नबी
क्या होता है एमजीएल
एमजीएल (मल्टी ग्रेनेड लांचर) इतना हल्का होता है कि उसे पिट्ठू बैग में भी ले जाया जा सकता है। भारत में सिर्फ पैराकमांडो एनएसजी के दस्ते इसका उपयोग करते हैं। दूरबीन युक्त लांचर में एक साथ छह ग्रेनेड लोड हो सकते हैं और तीन सेकेंड में दागे जा सकते हैं।

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