जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान से हेरोइन की तस्करी को सुरक्षाबल लगातार नाकाम कर रहे हैं। बावजूद इसके प्रदेश के युवा हेरोइन के नशे में पड़ रहे है। इससे 18 से 25 आयु वर्ग के युवा ज्यादा प्रभावित हैं। समाज में तेजी से फैल रहे इस नशे से 20 से 30 फीसदी पीड़ित ही अस्पतालों तक पहुंच रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में युवा हेरोइन के नशे के कारण जान गंवा रहे हैं। साइकाइट्री अस्पताल जम्मू के ओपियड सब्सिट्यूट थेरेपी (ओएसटी) केंद्र में रोजाना दो से तीन मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। ओएसटी केंद्र में अब तक 860 पीड़ित पंजीकृत हो चुके हैं, जिसमें 85 से 90 फीसदी तक मामले हेरोइन के नशे के हैं। अस्पताल के अलावा निजी क्लीनिकों में भी बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। हेरोइन की लत को पूरा करने के लिए पानी के साथ ड्रग्स मिलाकर इंजेक्शन में शरीर में लेते हैं। लेकिन सामूहिक तौर पर एक ही सिरिंज के साथ हेरोइन की डोज लेने से युवाओं में एचआईवी, हैपेटाइटिस-बी, सी सहित अन्य संक्रमित बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं।