फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हंदवाड़ा: कर्नल आशुतोष शर्मा के नाम से जाना जाएगा आर्मी गुडविल स्कूल, पढ़िए शहीद की शौर्यगाथा

Thu, 24 Jun 2021 06:06 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 5
सेना की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बोलते लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे - फोटो : अमर उजाला
हंदवाड़ा के बडकोट में आर्मी गुडविल स्कूल का नाम बदलकर शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा के नाम पर रख गया है। सेना की ओर से आयोजित समारोह में शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा की पत्नी पल्लवी आशुतोष शर्मा ने वीडियो स्ट्रीमिंग के माध्यम से भाग लिया। इस कार्यक्रम में सेना, पुलिस, नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और आर्मी गुडविल स्कूल, बडकोट के कई छात्रों ने भाग लिया। 15 कोर के जीओसी, लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा कि अप्रैल 2004 में स्थापना के बाद से आर्मी गुडविल स्कूल बडकोट न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके बल्कि अपने छात्रों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करके उत्तरी कश्मीर में एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान के रूप में उभरा है। आर्मी गुडविल स्कूल के उत्थान और स्थानीय लोगों की भलाई के लिए कर्नल आशुतोष शर्मा के अपार योगदान के कारण, वह छात्रों और उत्तरी कश्मीर के लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे। 

इस अवसर पर बोलते हुए लेफ्टिनेंट जनरल ने शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा की वीरता की सराहना की। सभी को कश्मीर में सामान्य स्थिति लाने के लिए जारी प्रयासों में जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित किया। आगे की स्लाइड में पढ़िए शहीद की शौर्यगाथा
 
विज्ञापन

2 of 5
हंदवाड़ा मुठभेड़ में शहीद कर्नल आशुतोष - फोटो : अमर उजाला
2 मई 2020 को कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में कर्नल आशुतोष शर्मा और एक मेजर समेत पांच सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। हंदवाड़ा के चंजी मोहल्ला इलाके में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी भी मारे गए थे। इस ऑपरेशन में सेना की 21 आरआर, सीआरपीएफ और एसओजी की संयुक्त टीम शामिल थी। सेना की संयुक्त टीम ने इलाके में आतंकियों की मौजूदी की सूचना पर तलाशी अभियान चलाया था।
विज्ञापन

3 of 5
हंदवाड़ा मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो
इस दौरान आतंकी एक घर में मौजूद थे और उस घर में रहने वाले लोगों को बंधक भी बना रखा था। शाम करीब 3 बजकर 30 मिनट पर कर्नल शर्मा के नेतृत्व में एक टीम ने घर में घुसकर बंधक बनाए गए लोगों को बचाने में सफलता पाई। हालांकि इस दौरान आतंकियों की ओर से लगातार फायरिंग हो रही थी। जवानों के उस घर से निकलते समय आतंकियों ने उनको फिर से निशाना बनाना शुरू किया। जवानों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान जवानों का उनकी टीम से संपर्क टूट गया। कई प्रयासों के बावजूद टीम के साथ संपर्क स्थापित नहीं हो सका।

4 of 5
हंदवाड़ा मुठभेड़ में शहीद जवान - फोटो : भारतीय सेना
इसी दौरान कर्नल आशुतोष शर्मा के फोन पर कॉल की गई। जिसे एक आतंकी ने उठाया और बोला अस्सलाम वालेकुम। इसके बाद विशेष सुरक्षाबलों को ऑपरेशन में शामिल किया गया। चूंकि कर्नल आशुतोष शर्मा के नेतृत्व वाली टीम अंदर थी। साथ ही संपर्क भी नहीं हो पा रहा था। इसलिए सुरक्षाबलों ने अत्यधिक सावधानी बरती ताकि उन्हें नुकसान न पहुंचे। लेकिन आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच रुक-रुककर गोलाबारी होती रही।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा और शहीद मेजर अनुज सूद - फोटो : अमर उजाला
बारिश और अंधेरे के कारण ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोक दिया गया। इसी दौरान भागने की कोशिश कर रहे दो आतंकियों को सेना ने मार गिराया। इस ऑपरेशन में सीओ 21-आरआर कर्नल आशुतोष शर्मा, मेजर अनुज सूद, पुलिस सब इंस्पेक्टर शकील काजी, एक लांस नायक और एक राइफलमैन सहित मूल टीम के सभी पांच सदस्य शहीद हो गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें