ड्यूटी पर निकले गाड़ी में बैठे किसी पुलिस अफसर को अब आतंकी गोलियों से छलनी नहीं कर पाएंगे। फिरोज डार की तरह उनकी जान नहीं जाएगी। कश्मीर में तैनात हर चौकी अफसर, थानेदार और डीएसपी को बुलेट प्रूफ गाड़ी मिलेगी।
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Firoz Ahmed Dar
- फोटो : अमर उजाला
16 जून 2017 को अनंतनाग के अच्छाबल इलाके में आतंकियों ने गाड़ी में बैठे हुए सब इंस्पेक्टर फिरोज डार की छह साथियों सहित हत्या कर दी थी। फिरोज की अधिकारिक गाड़ी बुलेट प्रूफ नहीं थी। इस घटना के बाद राज्य पुलिस की खूब किरकिरी हुई थी।
दरअसल, फिरोज की मौत के बाद यह खुलासा हुआ कि फिरोज ने बुलेट प्रूफ गाड़ी की मांग सीनियर अधिकारियों के सामने रखी थी। उसने कहा था कि उसकी जान को खतरा है, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया। अब करीब डेढ़ साल के बाद पुलिस महकमे ने फैसला लिया है कि उनका कोई अफसर आम गाड़ी में नहीं घूमेगा।
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bullet proof vehicle
- फोटो : अमर उजाला
अनंतनाग के 12, अवंतीपेरा 3, बड़गाम 7, गांदरबल 8, बारामुला 14, बांदीपोरा 7, कुलगाम 7, शोपियां, श्रीनगर 28, हंदबाड़ा 4, कुपवाड़ा 8, पुलवामा 4, सोपोर 4 के सभी डीएसपी, एसएचओ और चौकी अफसर को बुलेट प्रूफ गाड़ी मिलेगी। इनकी खरीद को पुलिस विभाग ने होमवर्क शुरू कर दिया है। 2019 में इन सबको बुलेट प्रूफ गाड़ी मिलेगी।
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indian army
- फोटो : अमर उजाला
पूरी सुरक्षा बुलेट प्रूफ होगी
पुलिस मुख्यालय, प्रोविजन/ट्रांसपोर्ट के एआईजी मुबस्सिर लतीफी ने बताया कि कश्मीर संभाग के सभी जिलों में तैनात पुलिस अफसरों को बुलेट प्रूफ गाड़ी, बुलेट प्रूफ जैकेट, पटके दिए जाएंगे। थानों, चौकियों, अफसरों के कार्यालयों के बाहर बुलेट प्रूफ मोर्चे होंगे। सभी पुलिस स्टेशनों को बुलेट प्रूफ रक्षक वाहन दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री के विशेष पैकेज में मिले पैसों से इनकी खरीद शुरू कर दी गई है।
पाकिस्तानी गोलाबारी होने पर लोगों को बचाने के लिए पुलिस विभाग ने भी विशेष पहल की है। राजोरी, पुंछ, कठुआ, सांबा और जम्मू जिले के लिए पांच बुलेट प्रूूफ एंबुलेंस खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हर जिले में एक एंबुलेंस होगी। इसके अलावा इन जिलों के बार्डर से सटे पुलिस थानों और चौकियों के अफसरों को बुलेट प्रूफ गाढ़ी दी जाएगी। लोगों को बचाने के लिए हर एक क्षेत्र में दो से तीन बुलेट प्रूफ बंकर वाहन दिया जाएगा।