मेजर लीतुल गोगोई को सेना की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी में दोषी पाया गया है। मेजर गोगई श्रीनगर में एक होटल से लड़की के साथ हिरासत में लिए गए थे। गोगोई पर ड्यूटी छोड़कर महिला से मिलने के मामले में दोषी पाए गए हैं। इसके अलावा गोगोई को निर्देशों के खिलाफ जाकर स्थानीय लोगों से मेल-मिलाप ज्यादा बढ़ाने का भी दोषी पाया गया है। गौरतलब है कि इस साल 23 मई को भारतीय सेना के मेजर लितुल गोगोई श्रीनगर के होटल ग्रैंड ममता में बडगाम की लड़की के साथ होटल में मिले थे।
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लीतुल गोगोई
उस समय लड़की ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने कहा था कि वह मेजर की फेसबुक फ्रेंड है और वह अपनी मर्जी से उन्हें मिलने के लिए गई थी। यहां तक कि इस वजह से उसकी अपनी मां से लड़ाई हो गई थी। आपको बता दें कि होटल स्टाफ के साथ लड़ाई होने की वजह से मेजर कमरे में चेक-इन नहीं कर पाए थे। उनसे पुलिस स्टेशन में पूछताछ हुई। हालांकि महिला ने स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने भारतीय दण्ड संहिता की धारा 164 के तहत अपने बयान दर्ज करवाए। जिसमें उसने कहा कि वह सोशल नेटवर्किंग साइट पर उनकी दोस्त है।
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फाइल फोटो
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि लड़की ने मजिस्ट्रेट को बताया कि वह अपनी मर्जी से उनके साथ गई थी क्योंकि वह सेना के अधिकारी के साथ समय बिताना चाहती थी। वह उन्हें पहले से जानती है। बडगाम के चेक-ए-कवूसा गांव की रहने वाली लड़की ने मजिस्ट्रेट को अपना आधार कार्ड दिखाया था, इसके अनुसार उसका जन्म 1999 में हुआ है। लड़की ने केवल 10वीं क्लास तक की पढ़ाई की। उस समय मेजर गोगई ने भी पुलिस को बताया था कि अपने सूत्र से मुलाकात के लिए उन्होंने यह मीटिंग तय की थी।
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मेजर लीतुल गोगोई
- फोटो : Self
आपको बता दें कि भारतीय सेना के मेजर लितुल गोगोई ने पिछले साल 9 अप्रैल को जब श्रीनगर में लोकसभा सीट के लिए उप चुनाव हो रहा था तो एक पोलिंग स्टेशन पर करीब 400-500 लोगों की भीड़ हाथ में डंडे और पत्थर लेकर उपद्रव कर रही थी। जिसके बाद सेना के कंपनी कमांडर मेजर लीतुल गोगोई ने एक उपद्रवी को पकड़कर अपनी जीप के बोनट पर बांध दिया। गुजरती गाड़ी से चेतावनी दी जा रही थी कि पत्थर फेंकने वालों का यही हाल होगा। जो पत्थर फेकेंगा उसे ऐसे ही जीप के बोनेट पर बांध दिया जाएगा।
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फाइल फोटो
जीप के पीछे एक बख्तरबंद गाड़ी भी गुजरती हुई दिखाई देती है।अपने ही साथी को जीप पर बंधा देखने के बाद पत्थरबाजों ने उनपर हमला नहीं किया था और पूरी टीम उस तनाव वाली जगह से सुरक्षित निकलने में सफल रही थी। इस मामले में काफी विवाद हुआ था। सेना ने गोगोई पर जांच भी बैठाई थी। सेना ने बाद में कहा था कि उन्होंने अपनी टीम की सुरक्षा के लिए ऐसा कदम उठाया।
कश्मीरी पत्थरबाज को अपनी जीप से बांधकर पत्थरबाजों को करारा जवाब देने वाले मेजर को सेना ने सम्मानित किया था। थल सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने मेजर को कॉउंटर इंसरजेंसी ऑपरेशन के दौरान बेहतरीन प्रयास के लिए सम्मानित किया। गोगोई की तारीफ खुद पंजाब के सीएम कैप्टन अमिरंदर सिंह ने की थी।