दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षा बलों ने 15 घंटे से अधिक चली मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों को मार गिराया। इनमें से एक आतंकी गुरूवार रात ही मारा गया था। मारे गए आतंकियों में गुरूवार को पुलिस लाइन से हथियार लेकर फरार हुए दो एसपीओ भी शामिल हैं। मुठभेड़ स्थल से हथियार व गोला बारूद बरामद किए गए हैं।
गुरूवार दोपहर में पुलवामा के लस्सीपोरा इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान आतंकियों ने खुद को घिरा देख सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई। देर शाम सुरक्षा बलों ने एक आतंकी को मार गिराया। दो-तीन घंटे बाद दोबारा मुठभेड़ शुरू हो गई। इसमें तीन और आतंकियों को मार गिराने में सफलता मिली। मारे गए आतंकियों की शिनाख्त पंजरण पुलवामा के आशिक हुसैन गनई, अरिहाल पुलवामा के इमरान अहमद भट व भगोड़े एसपीओ में तुजान पुलवामा के शब्बीर अहमद डार व शोपियां के उठमुल्ला के मोहम्मद सलमान खान के रूप में हुई है।
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मुठभेड़ खत्म होने के बाद जश्न के मूड में जवान
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में दो सूचीबद्ध आतंकवादी और दो भगोड़े एसपीओ मारे गए। एसपीओ फरार होने के बाद जैश में शामिल हो गए थे। मारे गए आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए थे। सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ और एसओजी की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
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मुठभेड़ खत्म होने के बाद जश्न के मूड में जवान
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एसपीओ फरार होने के कुछ ही घंटे के भीतर ही ढेर
दोनों एसपीओ हथियार लेकर भागने के कुछ ही घंटे के भीतर ही मार गिराए गए। दोनों एसपीओ वीरवार को जब पुलिस लाइन में नहीं लौटे तो पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। कई ठिकानों पर छापेमारी की गई, लेकिन उनका पता नहीं चला।
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इस घर में छिपे थे आतंकी
- फोटो : अमर उजाला
आतंकियों का लंबा रहा है इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आशिक हुसैन का लंबा आतंकी इतिहास रहा है। वह उस क्षेत्र में आतंकवादी हमलों की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में शामिल था। इमरान भट भी इलाके में सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर कई आतंकी हमलों में शामिल था। दोनों के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे। मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला-बारूद सहित अन्य सामग्री बरामद की गई। इन सभी सामग्रियों को जांच के लिए केस रिकॉर्ड में लिया गया है। पुलिस ने इलाके के सुरक्षित घोषित होने तक मुठभेड़ स्थल के पास न जाने को कहा है।
मुठभेड़ खत्म होने के बाद जश्न के मूड में जवान
- फोटो : अमर उजाला
पहले भी एसपीओ हथियार लेकर हो चुके हैं फरार
हथियार लेकर फरार होने तथा आतंकी संगठन में शामिल होने की पहले भी घटनाएं हो चुकी हैं। इससे पहले 28 सितंबर 2018 को पीडीपी के पूर्व एमएलए एजाज अहमद मीर के श्रीनगर स्थित सरकारी आवास पर तैनात एसपीओ आदिल बशीर शेख दो अन्य लोगों के साथ सात एके 14 राइफल व पिस्टल लेकर फरार हो गया था। बाद में उसने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का दामन थाम लिया था।