फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस नवरात्रि पर जानें, माता वैष्णो देवी के मंदिर से जुड़े ये पांच रहस्य

Wed, 10 Oct 2018 10:04 AM IST
प्रांजल दीक्षित, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 5
माता वैष्णो देवी यात्रा - फोटो : file photo
माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आज के समय में जिस रास्ते का इस्तेमाल किया जाता है, वह देवी के भवन का प्राकृतिक रास्ता नहीं है। इस रास्ते को श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए 1977 में बनाया गया था। आज के समय में इसी रास्ते से होकर श्रद्धालु माता के दरबार तक पहुंचते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
Vaishno Devi
माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए बहुत कम ही भक्तों को प्राचीन गुफा से माता के भवन में प्रवेश का सौभाग्य मिल पाता है। क्योंकि यहां पर नियम है कि जब दस हजार से कम श्रद्धालु होंगे तभी प्राचीन गुफा का द्वार खोला जाता है।
 
विज्ञापन

3 of 5
प्राचीन गुफा की पूजा करते पुजारी - फोटो : Amar Ujala
माता वैष्णो देवी के दरबार में  गुफा का बहुत महत्व है। माना जाता है कि इस प्राचीन गुफा के अंदर आज भी भैरव का शरीर मौजूद है। कहा जाता है कि माता ने इसी जगह पर भैरव को मारा था और उसका सिर उड़कर भैरव घाटी में चला गया और शरीर यहां रह गया।
 

4 of 5
vaishno devi temple
वैष्णो देवी मंदिर तक पहुंचने वाली घाटी में कई पड़ाव हैं, जिनमें से एक है आद्यकुंवारी। यहां एक और गुफा है, जिसे गर्भजून के नाम से जाना जाता हैं। गर्भजून गुफा को लेकर मान्यता है कि माता यहां 9 महीने तक उसी तरह रहीं थीं जैसे एक शिशु माता के गर्भ में 9 महीने तक रहता है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
वैष्णो देवी - फोटो : SELF
गर्भजून गुफा को लेकर मान्यता है कि जो भी मनुष्य  इस गुफा में जाता है उसे फिर गर्भ में नहीं जाना पड़ता है। अगर मनुष्य गर्भ में आता भी है तो गर्भ में उसे कष्ट नहीं उठाना पड़ता है और उसका जन्म सुख एवं वैभव से भरा होता है
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें