इंसानियत का मूल धर्म सभी प्राणियों को पीड़ा रहित वातावरण प्रदान करना है। कोरोना काल में कई ऐसी घटनाएं सामने आईं जब अपनों ने ही विषम परिस्थितियों में दामन छोड़ दिया। अधिकांश जगहों पर हृदय को कंपा देने वाले मामले देखने को मिले। इसके विपरीत समाज के कुछ लोग दिन-रात सेवा भाव से कार्य करके इंसानियत की मिसाल पेश कर रहे हैं।
हम आपको जम्मू का एक ऐसा ही मामला बताने जा रहे हैं। जिसमें गुरुवार को दमकल विभाग के कर्मचारी उस समय फरिश्ता बनकर आए जब एक बेजुबान पक्षी पेड़ में फंसकर आखिरी सांसे गिन रहा था। पेड़ में फंसने के बाद पक्षी(बाज) लाख कोशिशों के बावजूद खुद को मुक्त नहीं करा पा रहा था। बेजुबान पक्षी को फड़फड़ाता देख हर किसी का दिल भर आया। कुछ समय बाद बाज की फड़फड़ाहट की रफ्तार भी धीमी पड़ गई। ऐसा लग रहा था कि वह बस दम तोड़ने ही वाला है।