ईद-उल-फितर पर श्रीनगर का आज का हाल
- फोटो : बासित जरगर
मुकद्दस माह में जकात की अदायगी भी की जाती है। इस मामले में मालिक निसाब के लिए कहा गया है कि वह अपनी पूरी कमाई का ढाई प्रतिशत (अर्थात अगर उसकी जायदाद, बैंक बैलेंस, जेवरात मिलाकर 100 रुपये बनता है, तो उसमें से 2.50 रुपये) गरीबों में तकसीम करें, ताकि वे सभी भी ईद की खुशियां अच्छी तरह से मना सकें।