रियासत में अधर्म के प्रतीक रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों के दहन के पर्व दशहरा पूरे उत्साह और उल्लास के रूप में मनाया गया।
विज्ञापन
2 of 7
dushara
- फोटो : AMAR UJALA
जम्मू में परेड ग्राउंड और दशहरा ग्राउंड गांधीनगर के अलावा अन्य कई जगहों पर दहन कर उल्लास के साथ दशहरा मनाया गया।
विज्ञापन
3 of 7
dushara
- फोटो : AMAR UJALA
संभाग में परेड ग्राउंड में सबसे बड़े 60 फीट के रावण का दहन किया गया, जबकि गांधीनगर दशहरा ग्राउंड में करीब 50 फीट का रावण जलाया गया।
4 of 7
- फोटो : AMAR UJALA
पटाखों के बीच पूरे उत्साह और उल्लास के साथ दशहरा ग्राउंड पर उमड़ी भीड़ के बीच श्रीराम और लक्ष्मण व वानर सेना के अधर्म के प्रतीक रावण, मेघनाथ और कुंभकरण को जलाने से पहले वानर सेना के साथ राक्षसों का अंत करने और माता सीता को सुरक्षित बाहर लाने व श्री लंका दहन का दृश्य देखते ही बना।
विज्ञापन
5 of 7
dushara
- फोटो : AMAR UJALA
इसके बाद रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों के दहन के साथ ही हर तरफ श्री राम के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मैदानों पर हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों के बीच परेड मैदान में श्री रघुनाथ मंदिर से श्रीराम और लक्ष्मण को लेकर झांकी पहुंची।
विज्ञापन
6 of 7
- फोटो : Basit zargar
सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच श्रीनगर में दशहरा मनाया गया। श्रीनगर के पोलो ग्राउंड में जोश और उत्साह के साथ रावण, मेघनाथ और कुंभकरण का पुतला जलाकर लोगों ने जश्न मनाकर बुराई पर अच्छाई की जीत दर्ज की।
ख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती विशेष अतिथि के तौर पर पहुंची थीं।दशहरा के मौके पर कश्मीरी पंडितों के साथ साथ मुस्लिम समुदाय के लोग भी पोलो ग्राउंड में उपस्थित थे। उनका उत्साह देखते ही बनता था। वर्षों के बाद यह आयोजन किया। कश्मीर घाटी में वर्ष 2007 के बाद से फिर से दशहरा मनाने की परंपरा को आगे बढ़ाया गया है।