कोरोना संक्रमण के बढ़ते मरीजों के बीच जिस तेजी से मानसिक रूप से कमजोर हो रहे लोगों के मामले आ रहे हैं, डॉक्टरों के लिए यह भी एक चिंता का विषय है। जम्मू जिला अस्पताल में कोविड-19 ड्यूटी पर तैनात क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट अमृता ठाकुर ने कहा कि कोविड मरीजों के स्वस्थ होने के लिए मानसिक सकारात्मकता बनाए रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस महामारी ने वैश्विक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा किया है। कोरोना काल में कोविड रोगियों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ आम जनता के लिए भी मानसिक सकारात्मकता बहुत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि कोविड के मामलों में वृद्धि ने अवसाद, चिंता और मानसिक थकान का उच्च जोखिम विकसित किया है। डॉक्टर अमृता का कहना है कि इस कठिन समय के दौरान खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्वस्थ और पौष्टिक आहार खाएं, जोकि प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक से काम करने में मदद करता है।