यूरोपियन संघ का प्रतिनिधिमंडल
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ट्वीट में आगे लिखा है कि अगर इस 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को इजाजत दी जा सकती है तो फिर इससे पहले अमेरीकी सेनेटर के प्रतिनिधि मंडल को क्यों नहीं अनुमति दी गई। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि उन्हें आम जनता, मीडिया और सिविल सोसायटी के सदस्यों से मिलने दिया जाएगा। इससे कश्मीर और शेष दुनिया के बीच पर्दा उठ जाएगा। कांग्रेस प्रवक्ता फारूक अंदराबी ने कहा कि हमें अगर आमंत्रण मिलेगा तो हम जरूर मिलेंगे। फारूक ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल मंलवार को यहां आएगा, अगर हमें मिलना होगा तो हम मिलेंगे। बुलाया जाएगा तो जरूर मिलेंगे।