कोरोना की दूसरी लहर में जम्मू-कश्मीर की अर्थ व्यवस्था पर कम प्रभाव पड़ा है। पहली लहर में महामारी से निपटने के लिए सरकार के पास पर्याप्त उपकरण नहीं थे। हालांकि बीते साल के बजाय इस बार कोविड मृत्यु दर ज्यादा रही है। दूसरी लहर के आते ही सरकार ने सावधानी बरती और कोविड टीकाकरण की मुहिम शुरू की। पूर्ण लॉकडाउन तकरीबन डाई महीने लगा रहा। इसमें ज्यादा नुकसान अनधिकृत क्षेत्रों में कामकाज करने वालों और दिहाड़ीदारों को हुआ है। पर्यटन को छोड़ कृषि और औद्योगिक क्षेत्र आदि में काम कम प्रभावित हुआ। अधिकतर फैक्टरियों में काम जारी रहा। उधर, विद्यार्थियों को कोरोना की सबसे अधिक मार झेलनी पड़ रही है, लेकिन 4जी इंटरनेट सुविधा मिलने से इस बार ऑनलाइन पढ़ाई करने में आसानी रही। उधर, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संभावित तीसरी लहर से निपटना आसान होगा, क्योंकि स्वास्थ्य ढांचे में विस्तार के साथ कोविड टीकाकरण को भी गति दी जा रही है।