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कारगिल: पहाड़ों के दामन में खुले आसमान के नीचे शुरू हुए कम्युनिटी स्कूल, देखिए तस्वीरें

Sun, 06 Jun 2021 04:37 PM IST
प्रशांत कुमार अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
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पढ़ाई करते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
देश भर में कोरोना महामारी के चलते बंद पड़े स्कूल और कॉलेज से जहां एक ओर बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है वहीं इस नुकसान की भरपाई के लिए सरकारें पूरी कोशिश कर रही हैं। ऐसी ही एक अच्छी खबर लद्दाख के कारगिल जिले से आई है जहां प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार दूरदराज के दुर्गम इलाकों में कम्युनिटी स्कूल खोले गए हैं। विशेष रूप से उन इलाकों में जहां इंटरनेट की कनेक्टिविटी काफी कमजोर या बिलकुल ही नहीं है। 

पिछले करीब दो सालों से बंद पड़े स्कूल-कॉलेजों से बच्चों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हुई है। सरकार के इस प्रयास में पंचायत और ग्राम सेवक भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इन कम्युनिटी स्कूलों के शुरू होने के साथ ही कारगिल जिले के रेतीले मैदानों में, खुले आसमान के नीचे, पेड़ो के झुरमट के बीच या फिर पहाड़ों और नदी-नालों के दामन में आज कल यही नजारा दिख रहा है।
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पढ़ाई करते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
कोरोना को लेकर जारी की गई एसओसी को ध्यान में रखते हुए कोरोना काल के नए क्लासरूम शुरू किए गए हैं। लद्दाख में अधिकतर इलाकों में इंटरनेट सेवा न होने के चलते बड़ी संख्या में बच्चे ऑनलाइन क्लास से वंचित रह गए थे। कई प्रयासों के बावजूद भी सभी इलाकों में बच्चों को पूरी तरह शिक्षा नहीं मिल रही थी। कुछ जगह बच्चों को कई किलोमीटर पैदल चलकर इंटरनेट वाले इलाके में जाना पड़ रहा था या फिर कई जगह मोबाइल और कंप्यूटर न होने के कारण क्लास छूट रही थी।
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पढ़ाई करते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
कारगिल के डीसी संतोष सुखादेवे ने आदेश जारी कर सभी गांवों में रहने वाले शिक्षकों और वालंटियर्स को अपने-अपने इलाकों में कम्युनिटी क्लास लेने और बच्चों को पढ़ाने को कहा। 1 जून से यह कम्युनिटी स्कूल शुरू हो गए हैं। स्कूल शरू करने में लद्दाख के शिक्षा विभाग ने भी भरपूर मदद की है। हर गांव में जहां-जहां कम्युनिटी स्कूल शुरू हुए हैं बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई गई है।

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पढ़ाई करते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
कारगिल के थुविना गांव के मुनीर थुराबी ने प्रदेश सरकार के समक्ष 26 अप्रैल को कम्युनिटी स्कूल शुरू कर ने का प्रस्ताव रखा था। इस गांव में आजादी के 74 साल बाद भी अभी मोबाइल इंटरनेट सेवा नहीं पहुंच सकी है।
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पढ़ाई करते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
वहीं सांकू के एक और गांव में जम्मू में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाली नुसरत बानो इस कम्युनिटी स्कूल में बच्चों को पढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों का काफी नुकसान हुआ है, नुकसान की भरपाई करने के लिए यह एक अच्छा प्रयास है ।
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