फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, कश्मीर घाटी से असम के लिए रवाना हुए अतिरिक्त सुरक्षाबल

Wed, 11 Dec 2019 03:02 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 5
सेना का काफिला - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में हालात में सुधार होने के साथ ही यहां तैनात अतिरिक्त सुरक्षाबलों की वापसी होने लगी है। जम्मू-कश्मीर से पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाने के बाद चरणबद्ध तरीके से अब अतिरिक्त सुरक्षाबलों की वापसी हो रही है। एएनआई के मुताबिक सीआरपीएफ की दस कंपनियों को जम्मू-कश्मीर से असम के लिए रवाना किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश से कुल 20 कंपनियां असम के लिए रवाना की जाएंगी। जवानों की रवानगी लिए एक स्पेशल ट्रेन भी चलाई गई है।
 
विज्ञापन

2 of 5
सेना का काफिला - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के 5000 से ज्यादा जवान घाटी से रवाना हो चुके हैं। एक दिसंबर को 4 से 5 अतिरिक्त कंपनियां घाटी से रवाना की गई थीं। बता दें कि जम्मू कश्मीर से विशेष दर्जा वापस लेने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने की घोषणा से पहले कश्मीर में 50 हजार से अधिक सीएपीएफ के जवानों को भेजा गया था। इन जवानों की भूमिका घाटी में कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने में महत्वपूर्ण रही।

 
विज्ञापन

3 of 5
सुरक्षाबलों का काफिला हाईवे से गुजरने के चलते रोका गया यातायात - फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के अनुसार, कश्मीर घाटी के विभिन्न हिस्सों में तैनात 20 कंपनियों को कश्मीर से वापस रवाना किया जाना है। इनमें से 16 बीएसएफ जबकि चार सीआरपीएफ की हैं। कश्मीर में हालात में और सुधार होने पर घाटी में तैनात सुरक्षा एजेंसियों के साथ विचार विमर्श कर अन्य कंपनियों को कश्मीर से धीरे-धीरे और चरणबद्ध तरीके से रवाना किया जाएगा।

 

4 of 5
सेना का काफिला - फोटो : अमर उजाला
सुरक्षाबलों से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है, लेकिन उन्होंने बताया कि अन्य कंपनियों की रवानगी के बाबत फिलहाल कोई दिशा-निर्देश नहीं हैं। पांच अगस्त से पहले घाटी में केंद्रीय बलों के 50 हजार जवानों की घाटी में तैनाती की गई थी। यह जवान घाटी में कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए लगाए गए थे। अब नवंबर में पड़ रही कड़ाके की सर्दी इनके लिए कानून-व्यवस्था की स्थिति से ज्यादा गंभीर बन गई है। जवानों को इन हालात में यहां रहने में दिक्कतें आ रही हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सेना का काफिला - फोटो : फाइल, अमर उजाला
अतिरिक्त बलों की तैनाती के चलते ही अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रही थी। सुरक्षाबलों ने शहर के डाउनटाउन समेत सभी संवेदनशील इलाकों में चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए रखी। अब धीरे-धीरे पूरी घाटी में जनजीवन लगभग पटरी पर लौट आया है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें