पूरे जम्मू-कश्मीर में छिटपुट विरोध प्रदर्शनों को छोड़कर मस्जिदों में बकरीद की नमाज सोमवार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। हालांकि, कर्फ्यू जैसी पाबंदियों के कारण सड़कों से त्योहार की रौनक गायब रही।
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सरकार के आधिकारिक प्रवक्ता तथा प्रमुख सचिव रोहित कंसल ने बताया कि राज्य की मस्जिदों में बकरीद की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से बीत गई। तीन छिटपुट प्रदर्शन हुए लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। संभागीय और जिला प्रशासन ने लोगों के त्योहार मनाने में सहूलियत के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। विभिन्न जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बाजारों में सरकार ने कुर्बानी के लिए पर्याप्त संख्या में भेड़ उपलब्ध कराए थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार हजारों लोगों ने नमाज अदा की।
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मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट किया कि अनंतनाग, बारामुला, बडगाम, बांदीपोरा में बिना किसी अप्रिय घटना के सभी मस्जिदों में शांतिपूर्ण ढंग से नमाज अदा की गई। बारामुला के जामिया मस्जिद में करीब 10 हजार लोगों ने नमाज अदा की। जम्मू के ईदगाह में 5000 से अधिक लोगों ने नमाज अदा की। इससे पहले पुलिस ने कहा था कि घाटी में नमाज शांतिपूर्ण संपन्न हो गई। घाटी के अनेक हिस्सों में नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई। अभी तक किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है।
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जम्मू में डीसी सुषमा चौहान और बड़ी संख्या में हिंदुओं ने मुसलमानों को बधाई दी। संवेदनशील किश्तवाड़, डोडा, रामबन, पुंछ और राजोरी जिलों में भी नमाज शांतिपूर्ण तरीके से हुई। किश्तवाड़ के डीसी अंग्रेज सिंह राणा ने बताया कि कर्फ्यू में ढील दी गई थी ताकि लोग नमाज अदा कर सकें। पुंछ में नमाज के बाद लोगों ने नारेबाजी की। हालांकि, वहां मौजूद सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया।
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कोई गोलीबारी नहीं हुई: प्रशासन
बकरीद पर गोली चलाए जाने की अफवाहों के बाद सरकार की ओर से प्रेस कांफ्रेंस कर स्थिति साफ की गई। सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल तथा आईजी कश्मीर एसपी पाणि ने पत्रकारों को बताया कि जम्मू-कश्मीर में बकरीद पर पूरी तरह शांति रही। गोलीबारी की कोई घटना नहीं हुई है। सुरक्षाबलों की ओर से एक भी गोली नहीं चलाई गई है और न ही किसी की मौत हुई है। बकरीद पर किसी भी तरह से माहौल न बिगड़े, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा। राज्य के 20 हजार छात्रों ने भी ईद मनाई है।
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उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। राज्य में सभी जगहों पर स्वास्थ्य सुविधाएं ठीक से काम कर रही हैं। जिला और संभागीय प्रशासन ने मौलवियों और लोगों से मुलाकात की, जिसके फलस्वरूप बकरीद के दौरान बहुत ही शांतिपूर्ण और सुकून भरा माहौल देखने को मिला।
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आईजीपी ने कहा कि सभी जगहों पर राहत की स्थिति है। राज्य में गोलीबारी की खबरें पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ छिटपुट घटनाएं हुईं, जिनसे बहुत संजीदगी से निपटा गया। इन घटनाओं में कुछ लोग जख्मी हुए। इसके अलावा पूरी घाटी में स्थिति सामान्य है।
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Omar, Farooq Abdullah, Mehbooba Mufti (File)
तीन पूर्व सीएम के लिए खामोशी भरा रहा बकरीद
पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के लिए इस बार बकरीद का त्योहार खामोशी भरा रहा। अन्य वर्षो में उनके घरों में समर्थकों, दोस्तों, परिवार के सदस्यों की भीड़ लगी रहती थी। अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद तीनों नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था। शहर के पॉश गुपकार रोड पर उनके आवास सुनसान रहे। आवासों के आसपास केवल सुरक्षा बलों की गाड़ियां ही नजर आ रही थीं।
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ज्ञात हो कि फारूक अपने आवास पर नजरबंद हैं, उनके बेटे उमर अब्दुल्ला हरि निवास पैलेस तथा पीडीपी प्रमुख महबूबा चश्मे शाही हट में हैं। अधिकारियों ने बताया कि पांच अगस्त को जिन दूसरे नेताओं को पकड़ा गया था उन्होंने यहां सेंटूर होटल में नमाज अदा की। सरकार ने उनके लिए एक मौलवी को भी भेजा था।
कहां कितने ने की नमाज अदा
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार बांदीपोरा के दारुल उलूम रहमिया में 5000 व जामिया मस्जिद में 2000, बारामुला-10000, कुपवाड़ा ईदगाह-3500, त्रेहगाम-3000, सोपोर-1500, कुलगाम के काजीगुंड में 5500 व कोईमुह मं 6000, शोपियां-3000, पुलवामा-1800, अवंतीपोरा-2500, अनंतनाग के अच्छाबल में 3000, गांदरबल में सात हजार से अधिक, बडगाम के चरार ए शरीफ में पांच हजार व मागाम में आठ हजार लोगों ने नमाज अदा की।