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Atal Bihari Vajpayee: कुछ इस तरह कायम रहा अटल बिहारी वाजपेयी की जिंदगी में '13 नंबर' का रहस्य, यादगार किस्से

Sun, 16 Aug 2020 09:29 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी
देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आज दूसरी पुण्यतिथि है। अटल जी का निधन 93 वर्ष की उम्र में हुआ था। उनके जीवन से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं जिन्हें देश हरदम याद रखेगा। एक ऐसा ही किस्सा है उनके जीवन से जुड़े 13 नंबर का यूं तो 13 नंबर को अक्सर लोग अच्छा नहीं मानते हैं लेकिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जिंदगी और मौत तक यह 13 नंबर उनसे जुड़ा रहा। कुछ में स्वयं उन्होंने इस नंबर को चुना तो कुछ कुदरत की तरफ से यह नंबर उनकी जिंदगी में खास महत्व के साथ जुड़ता रहा।
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पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी
अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मतिथि और निधन की तिथि से 13 नंबर अलग न हो सका। वह 25 दिसंबर को पैदा हुए। दिन और महीने का अंतर भी (25-12=13) 13 रहा। उनकी मृत्यु 16 अगस्त को हुई। जन्मतिथि और मृत्यु की तारीख, महीने और साल का अंतर भी 13 रहा। दिन का अंतर नौ (25-16=9) और महीने का अंतर चार (12-8=4) रहा। दोनों को जोड़ने पर  (9+4=13) नंबर 13 पर ही आ टिका। इसी तरह उनके जन्म का साल 1924 और मृत्यु का वर्ष 2018 का अंतर 94 रहा। इसका मूलांक भी 13 है।
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पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी
अटल बिहारी वाजपेयी ने 13 मई 1996 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली लेकिन बहुमत साबित न होने पर 13 दिन बाद सरकार गिर गई।
 

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पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी
दूसरी बार भी अटल बिहारी वाजपेयी 13 महीने के लिए प्रधानमंत्री रहे और इसके बाद सरकार गिर गई।

 
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पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी
तीसरी बार सरकार बनाने पर अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में 13 दलों का गठबंधन रहा और 13 अक्तूबर 1999 को ही उन्होंने शपथ भी ली।
 
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पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी
तीसरी बार 13 अक्तूबर को शपथ न लेने के लिए लोगों ने मना किया लेकिन अटल जी नहीं माने और यह सरकार पूरे पांच साल चली।
 
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