दुनिया के सबसे दुर्गम युद्ध क्षेत्र सियाचीन के नॉर्दर्न ग्लेशियर में लगभग 130 फीट एक गहरी दरार में गिरे एक पोर्टर का शव पांच दिन के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बुधवार को निकाल लिया गया।
विज्ञापन
सियाचिन में हादसा, सेना का पोर्टर 130 फीट गहरी खाई में गिरा
2 of 8
यह पोर्टर बीते 27 फऱवरी को एक पोर्टर 130 फीट गहरी खाई में गिर गए थे। पोर्टर को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान सेना की विशेष टीम ने चलाया लेकिन पोर्टर की इस दौरान मौत हो गई।
विज्ञापन
सियाचिन में हादसा, सेना का पोर्टर 130 फीट गहरी खाई में गिरा
3 of 8
मरने वाले पोर्टर का नाम थुकजे ग्यासकेट है। ये लेह के आये गांव के रहने वाले हैं। थुकजे उस वक्त बर्फीली खाई में जा गिरा जब उत्तरी ग्लेशियर में मौजूद सेना की चौकी के लिये समान लेकर जा रहे थे।
सियाचिन में हादसा, सेना का पोर्टर 130 फीट गहरी खाई में गिरा
4 of 8
शव का पता चलने के बाद बचाव टीमें 13 फीट अंदर गई और इसे और नीचे जाने से रोकने के लिए बर्फ की दीवार का सहारा लिया।
विज्ञापन
सियाचिन में हादसा, सेना का पोर्टर 130 फीट गहरी खाई में गिरा
5 of 8
सेना सूत्रों ने बताया कि शव को बरामद करने के लिए संकरी दरार को भी चौड़ा किया गया। इस काम को अंजाम देने में सेना को चार दिनों का समय लगा।
विज्ञापन
सियाचिन में हादसा, सेना का पोर्टर 130 फीट गहरी खाई में गिरा
6 of 8
सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने कह है कि किसी सिविलयन पोर्टर को सेना के साथ और सियाचिन जैसे माहौल में काम करने के लिये अदम्य साहस, शारीरिक दमखम और मानसिक ताकत की जरूरत होती है। मेरे लिये वो हममें में ही एक है।
विज्ञापन
सियाचिन में हादसा, सेना का पोर्टर 130 फीट गहरी खाई में गिरा
7 of 8
सेना के उत्तरी आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस हुड्डा ने दुख व्यक्त करते हुए उनके परिजनों को भविष्य में हर संभव मदद का भरोसा दिया। उनके परिवार में उनकी मां, पत्नी और दो बेटियां हैं।