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चालबाज चीन को सबक सिखाने के लिए सेना के साथ लद्दाखियों ने कसी कमर, देखिए देश प्रेम का जज्बा

Sun, 06 Sep 2020 03:02 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लेह/जम्मू
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चोटियों पर सामान पहुंचाते स्थानीय लोग - फोटो : अमर उजाला
चालबाज चीन को सबक सिखाने के लिए सेना के साथ लद्दाखियों ने भी कमर कस ली है। इसकी बानगी तनाव का नया केंद्र बनी कालाटॉप पहाड़ी से सटे चुशुल गांव में देखने को मिली। चीनी सेना को खदेड़कर कालाटॉप पहाड़ी पर डटे रणबांकुरों को जरूरी सामान की जरूरत पड़ी तो सामान ढुलाई के लिए चुशुल गांव से पोर्टर मांगे गए। इसकी सूचना मिलते ही गांव के सौ से ज्यादा युवा वालंटियर के रूप में सप्लाई पहुंचाने में जुट गए।
 
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चोटियों पर सामान पहुंचाते स्थानीय लोग - फोटो : अमर उजाला
कालाटॉप पहाड़ी पर पहली बार सैन्य जमावड़ा देखने को मिल रहा है। इस इलाके में किसी भी तरह की आवाजाही नहीं होती थी। अब इस मुश्किल ऊंचाई पर स्थानीय ग्रामीण दुरूह रास्ते से सेना का भारी भरकम सामान पीठ पर लादकर बतौर वालंटियर पहुंच रहे हैं।

 
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चोटियों पर सामान पहुंचाते स्थानीय लोग - फोटो : अमर उजाला
पैंगोंग क्षेत्र के रहने वाले और तंगसे निर्वाचन क्षेत्र से पार्षद ताशी नामग्याल ने बताया कि सेना को बिस्तर समेत अन्य सामान पहुंचाने के लिए पोर्टरों की जरूरत थी। चुशुल गांव में 100 से ज्यादा युवा स्वेच्छा से सामान लादकर ऊपर पहुंचा रहे हैं।

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चोटियों पर सामान पहुंचाते स्थानीय लोग - फोटो : अमर उजाला
तीन घंटे चढ़ाई की चुनौती से कोई पीछे नहीं हट रहा। सेना को मदद कर ये लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। कालाटॉप के अलावा गुरंग पहाड़ी पर भी आसपास के गांवों से इसी तरह लद्दाखी लोग मदद को आगे आ रहे हैं।

 
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चोटियों पर सामान पहुंचाते स्थानीय लोग - फोटो : अमर उजाला
युवाओं के साथ ही बौद्ध भिक्षु, महिलाएं और कर्मचारी भी शामिल हैं। चुशुल के अवाला मेरक गांव के लोग भी सेना की मदद में जुटे हुए हैं। मेरक से जाने वाले लोग गुरंग हिल तक स्थानीय उत्पाद और पानी पहुंचा रहे हैं। यहां के लोग सेना के प्रति गहरा लगाव रखते हैं।
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चोटियों पर सामान पहुंचाते स्थानीय लोग - फोटो : अमर उजाला
कार्यकारी पार्षद कोंचोक स्टैंजिन के मुताबिक स्थानीय लोग सेना की मदद में पूरी तरह से जुटे हुए हैं। लोगों का जज्बा देखते ही बन रहा है। इससे पहले भी जब कभी सेना को जरूरत पड़ी तो लोगों ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए मदद की।
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