उज्ज नदी का 90 फीसदी पानी जम्मू-कश्मीर में रहेगा
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परियोजना में क्रियान्वयन में देरी के चलते इसकी लागत बढ़ गई है। कठुआ, सांबा के साथ जम्मू और उधमपुर तक पानी पहुंचाने की योजना से भी लागत पर असर पड़ा है। अनुमानित लागत में 40 फीसदी वृद्धि की गई है। पांच हजार करोड़ रुपये के बजाय अब परियोजना पर 9,167 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद अब जनसुनवाई और इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस के पड़ाव रह गए हैं। परियोजना चूंकि राष्ट्रीय है, ऐसे में इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस को बड़ी बाधा नहीं माना जा रहा है।