बाबा बर्फानी के भक्त हिमलिंग का आकार तेजी से घटने की खबरों से काफी निराश हैं। पहले तीन दिनों में बाबा के दर्शन कर लौटे शिवभक्तों की मानें तो हिमलिंग का आकार मात्र पांच-छह फुट ही रह गया है। कई सालों से नियमित दर्शन करने आ रहे भक्तों का कहना है कि उन्होंने शुरूआती दिनों में इतना कम आकार पहले नहीं देखा। इसका प्रमुख कारण मौसम के बदलते मिजाज को माना जा रहा है। पर्यावरण वैज्ञानिकों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिगिं के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है।
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- फोटो : Amar Ujala
सनद रहे कि घाटी में इस बार तापमान भी सामान्य से ज्यादा बना हुआ है। मई माह में बाबा बर्फानी की ताजा तसवीरें सामने आने के समय ही यह लगने लगा था कि इस बार पवित्र हिमलिंग का आकार पिछले वर्षों के मुकाबले कम है।
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अपने कई साथियों के साथ ग्रुप में आए कानपुर के विपिन द्विवेदी ने बताया कि वे वर्ष 2002 से लगातार बाबा बर्फानी के दर्शन करने आ रहे हैं। अब तक इतने कम आकार का हिमलिंग नहीं देखा। 2 जुलाई को हम लोगों ने दर्शन किए थे, तब हिमलिंग का आकार लगभग सात फुट का रहा होगा।
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Amarnath yatra
- फोटो : Amar Ujala
अमरनाथ यात्रा से लौटे कानपुर के श्रद्धालुओं का कहना था कि बालटाल पहुंचने पर भी गर्मी लग रही थी। ऐसा पहली बार हुआ है कि बिना गर्म कपड़ों के वहां तक पहुंचे। कश्मीर में इतनी गर्मी कभी नहीं देखी है। इसकी वजह से हिमलिंग भी कम बना है। इस बार तो जम्मू से श्रीनगर तक एक जैसा ही मौसम देखा।
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संजीव त्रिपाठी ने कहा कि बाबा का आकार तेजी से कम हो रहा है। तापमान इसकी बड़ी वजह हो सकती है। इस बार पवित्र हिमलिंग का आकार पहले दिन से ही कम था।
वहीं दिल्ली, बरेली और मेरठ से श्रद्घालुओं का कहना था कि अमरनाथ यात्रा में घोड़ेवालों की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है। गुफा तक घोड़े पहुंचने लगे हैं। भीड़ बहुत ज्यादा है। दल में शामिल दिनेश, संजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने 4 जुलाई सोमवार को बाबा बर्फानी के दर्शन किए। बाबा का आकार करीब छह फुट तक रह गया है।