भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे हाइटेक हवाई लड़ाकू फोर्सेज में से एक माना जाता है। इंडियन एयर फोर्स ने 26 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले का बदला पीओके में एयर स्ट्राइक कर लेने के बाद अपना लोहा पूरे विश्व में फिर ने मनवा लिया है। पिछले कुछ सालों में अपनी ताकत में जबरदस्त इजाफा करने वाली एयरफोर्स में आज ऐसे मारक हवाई जहाज मौजूद हैं जिनके एक वार से दुश्मन को पल भर में तबाह किया जा सकता है। तस्वीरों में देखें भारतीय एयरफोर्स की ताकत...
विज्ञापन
2 of 11
सुखोई 30एमकेआई
- फोटो : Wikepedia
सुखोई एसयू-30 एमकेआई
सुखोई 30 एमकेआई भारतीय वायुसेना का बेहद हाइटेक लड़ाकू विमान है। इस लड़ाकू विमान को भारत ने रूस की मदद से मिलकर बनाया है। भारतीय वायुसेना का यह विमान टीम हज़ार किमी की दूरी तक जा कर हमला कर सकता है। इसके एएल-31 टर्बोफैन इंजन इसे 2600 किमी प्रति घंटे की गति देते हैं। यह विमान हवा में ईंधन भर सकता है। इस विमान में मिसाइल लांचिग की तकनीकी के साथ 30 मिमी की एक तोप भी लगी हुई है।
विज्ञापन
3 of 11
मिराज 2000 विमान
मिराज-2000 विमान की खासियत
विमान की लंबाई 47 फीट
खाली वजन- 7500 किलो
गोला बारूद के साथ- 13800 किलो
2336 किमी प्रतिघंटा है स्पीड
125 राउंड गोलियां प्रति मिनट दागता है
68 मिमी के 18 रॉकेट प्रति मिनट दागता है
4 of 11
सुपर हरक्युलिस सी 130 विमान
सुपर हरक्युलिस सी 130 विमान की खूबियां
पंखों का फैलाव 40 मीटर
विमान की गति 670 किमी प्रतिघंटा
इस विमान में चार इंजन होते हैं
पैराजंप के काम आता है
भारी-भरकम सामान युद्ध क्षेत्र में गिराने के काम आता है
विज्ञापन
5 of 11
राफेल विमान (सांकेतिक चित्र)
राफेल
राफेल सिर्फ एक मिनट में 60 हज़ार फीट की ऊंचाई तक जाने में सक्षम है, वहीं इसकी मारक क्षमता करीब 3700 किलोमीटर है और यह 2200 से 2500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से उड़ सकता है। राफेल लड़ाकू विमानों की सबसे खास बात यह है कि इसमें नए दौर की दृश्य से ओझल होने में सक्षम ‘मिटिअर’ मिसाइल और इजराइली प्रणाली भी है।
विज्ञापन
6 of 11
tejas
- फोटो : अमर उजाला
तेजस
भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल तेजस वायुसेना के सबसे हल्के लड़ाकू विमानों में से एक है । ये विमान 1850 किमी की रफ्तार से उड़ सकता है और ये समंदर के ऊपर, राजस्थान के रेगिस्तान में कश्मीर और उत्तर-पूर्व के पर्वतीय इलाकों में भारत के सामने आने वाली हर चुनौती का माकूल जवाब देने की ताकत से लैस है।
विज्ञापन
7 of 11
मिग 29 यानि एफ-16 का काल
- फोटो : Indian Defence Forum
मिग-29
भारतीय वायुसेना का ये लड़ाकू विमान 65000 फीट तक की ऊंचाई पर उड़ सकता है। 2400 किमी की रफ्तार से उड़ने वाला ये लड़ाकू विमान एक बार में 1450 किमी की दूरी तक जाकर हमला कर सकता है। भारतीय वायुसेना के इस विमान को सेना के सबसे हाइटेक सुपरसोनिक विमानों में से एक माना जाता है।
8 of 11
सेपेकैट जगुआर
सेपेकैट जगुआर
भारतीय वायुसेना के इस हाईटेक विमान से 36500 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरी जा सकती है। 1700 किमी प्रतिघंटे की तेज रफ्तार उड़ने वाला ये विमान एक बार में 925 किमी की दूरी पर दुश्मन को नेस्तनाबूद कर सकता है।
9 of 11
C-17 Globemaster
सी-17 ग्लोबमास्टर
ग्लोबमास्टर कारगिल, लद्दाख और अन्य उत्तरी और उत्तर पूर्वी सीमाओं पर यह आसानी से उतर सकता है। सीमा के अलावा देश में कहीं भी आपात काल जैसी स्थिति बनने पर यह अपनी ताकत दिखाएगा। ग्लोबमास्टर सामान्य स्थिति में 3500 फीट की हवाई पट्टी पर लैंड कर सकता है। सी-17 ग्लोबमास्टर 150 से अधिक जवानों को एक साथ ले जाने में सक्षम है। साथ ही ये एक साथ 03 हेलीकॉप्टरों या दो ट्रकों को एयरलिफ्ट करने की ताकत भी रखता है।
10 of 11
रुद्र
- फोटो : ANI
रूद्र हेलीकॉप्टर
रूद्र हेलीकॉप्टर एक स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर है जिसका निर्माण हिंदुस्तान एरोनॉटिकल लिमिटेड द्वारा किया गया है। ध्रुव में 20 एमएम की ट्रेट गन लगी हुई है । ध्रुव हवा से हवा में मारने की क्षमता के साथ-साथ एंटी टैक हमले की तकनीकी से भी लैस है। इसका इस्तेमाल भारतीय वायुसेना के साथ साथ थलसेना भी करती है।
एचएएल लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर
एचएएल लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर का निर्माण भी हिंदुस्तान एरोनॉटिकल लिमिटेड द्वारा किया गया है । 2550 किलो वजन वाले इस लड़ाकू हेलीक़ॉप्टर से हवा से हवा, हवा से जमीन और एंटी टैंक हमलों को अंजाम दिया जा सकता है ।