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तस्वीरें: चिनार पेड़ों का डिजिटल संरक्षण; जियो-टैगिंग की प्रक्रिया में कश्मीर की नई शुरुआत

Fri, 24 Jan 2025 12:52 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

जम्मू-कश्मीर सरकार ने चिनार पेड़ों को संरक्षित करने के लिए 28,560 पेड़ों को जियो-टैग करके उनकी डिजिटल पहचान स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की है।

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चिनार पेड़ों का डिजिटल संरक्षण - फोटो : बासित जरगर
जम्मू-कश्मीर सरकार ने अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर चिनार के पेड़ों को संरक्षित करने के लिए जियो-टैगिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल का उद्देश्य चिनार के पेड़ों की निगरानी और संरक्षण को मजबूत करना है।
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चिनार पेड़ों का डिजिटल संरक्षण - फोटो : बासित जरगर
ताकि इनकी भौतिक स्थिति का सही डेटा एकत्र किया जा सके और इनके संरक्षण के लिए कदम उठाए जा सकें।
 
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चिनार पेड़ों का डिजिटल संरक्षण - फोटो : बासित जरगर
गुरुवार को कश्मीर में इस प्रक्रिया की शुरुआत वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. सैयद तारिक ने की। डॉ. तारिक ने बताया कि चिनार पेड़ ऑक्सीजन उत्पादक होते हैं और इनकी अपनी पारिस्थितिकी प्रणाली होती है। 

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चिनार पेड़ों का डिजिटल संरक्षण - फोटो : बासित जरगर
जो कश्मीर की पारिस्थितिकी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस परियोजना का उद्देश्य चिनार के पेड़ों के स्टॉक पर निगरानी रखना और उन्हें एक डिजिटल पहचान देना है, ताकि हर पेड़ की स्थिति का रिकॉर्ड रखा जा सके।
 
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चिनार पेड़ों का डिजिटल संरक्षण - फोटो : बासित जरगर
जियो-टैगिंग के तहत प्रत्येक चिनार पेड़ को एक विशिष्ट आधार नंबर प्रदान किया गया है।  जो डिजिटल इंडिया की तकनीकी पहल से जुड़ा हुआ है।
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चिनार पेड़ों का डिजिटल संरक्षण - फोटो : बासित जरगर
अब तक, 28,560 चिनार पेड़ों को जियो-टैग किया गया है और उनकी भौतिक विशेषताओं को एकत्र किया गया है।
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चिनार पेड़ों का डिजिटल संरक्षण - फोटो : बासित जरगर
इन पेड़ों को क्यूआर कोड के साथ लॉक कर दिया गया है, जिसे स्कैन करने पर उपयोगकर्ता उस पेड़ के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
 

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चिनार पेड़ों का डिजिटल संरक्षण - फोटो : बासित जरगर
वन विभाग ने सेव चिनार अभियान के तहत इस पहल को और भी बढ़ावा देने की योजना बनाई है। 

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चिनार पेड़ों का डिजिटल संरक्षण - फोटो : बासित जरगर
जिससे चिनार के पेड़ों के संरक्षण के लिए एक डेटाबैंक तैयार किया जाएगा। डॉ. तारिक ने कहा कि यह एक सकारात्मक कदम है और जल्द ही इस डेटा को सार्वजनिक डोमेन में लाया जाएगा। 
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चिनार पेड़ों का डिजिटल संरक्षण - फोटो : बासित जरगर
जिससे सभी लोग चिनार के पेड़ों के महत्व और उनकी देखभाल के बारे में जागरूक हो सकेंगे। हमें उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर में 30,000-35,000 चिनार होंगे।
 
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