पहलगाम के बायसरन मैदान में पिछले साल हुए आतंकी हमले की पहली बरसी पर पूरे कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया है। इस हमले में लश्कर-ए-ताइबा के आतंकियों ने 25 पर्यटकों और एक स्थानीय पोनी राइड ऑपरेटर की हत्या कर दी थी।
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पहलगाम हमले के बरसी पर जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था हाईटेक
- फोटो : बासित जरगर
इस घटना को याद करते हुए देश भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम और रैलियों की संभावना को देखते हुए सुरक्षा बलों को महत्वपूर्ण स्थानों और पर्यटन स्थलों पर तैनात किया गया है।
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अधिकारियों के अनुसार, हमले के बाद बड़ी संख्या में पर्यटक घाटी छोड़कर चले गए थे जिसके चलते लगभग 50 पर्यटन स्थल बंद करने पड़े थे। बाद में सुरक्षा समीक्षा के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से दोबारा खोला गया।
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एक साल बाद आज स्थिति में सुधार देखा जा रहा है और पहलगाम के प्रसिद्ध 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहे जाने वाले बायसरन क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही फिर से बढ़ गई है।अब यहां आने वाले पर्यटक खुद को अपेक्षाकृत सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कई नए कदम उठाए हैं। सभी सेवा प्रदाताओं जैसे पोनी चालक, गाइड, दुकानदार और अन्य वेंडरों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
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इसके साथ ही एक क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली लागू की गई है, जिससे पर्यटक किसी भी सेवा प्रदाता की पहचान और विवरण तुरंत स्कैन करके देख सकते हैं।
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पहलगाम
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इस क्यूआर कोड में व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार विवरण, पंजीकरण नंबर और पुलिस सत्यापन से जुड़ी जानकारी शामिल होती है।
कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) वी. के. बिर्दी ने हाल ही में एक सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और आगामी आयोजनों तथा पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए। इस बैठक में पुलिस,सीआरपीएफ, बीएसएफ, ट्रैफिक पुलिस, रेलवे, सुरक्षा बल और एसडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।