बिजबिहाड़ा के खेतों में इन दिनों लैवेंडर की खुशबू बिखरी हुई है।
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लैवेंडर फूलों की कटाई
- फोटो : बसित जरगर
हर ओर हल्की बैंगनी रंगत और भीनी खुशबू से वातावरण महक उठा है।
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लैवेंडर फूलों की कटाई
- फोटो : बसित जरगर
खेतों में किसान और मजदूर लैवेंडर के फूलों की कटाई में व्यस्त नजर आ रहे हैं।
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लैवेंडर फूलों की कटाई
- फोटो : बसित जरगर
यह दृश्य न केवल प्राकृतिक सुंदरता का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र के लिए आर्थिक विकास और कृषि नवाचार का उदाहरण भी है।
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लैवेंडर फूलों की कटाई
- फोटो : बसित जरगर
लैवेंडर की खेती ने पिछले कुछ वर्षों में बिजबिहाड़ा और दक्षिण कश्मीर के अन्य इलाकों में नई पहचान बनाई है।
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लैवेंडर फूलों की कटाई
- फोटो : बसित जरगर
पारंपरिक खेती के मुकाबले लैवेंडर की खेती किसानों को अधिक मुनाफा दे रही है।
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लैवेंडर फूलों की कटाई
- फोटो : बसित जरगर
कटाई के इस मौसम में स्थानीय मजदूरों के लिए भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
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लैवेंडर फूलों की कटाई
- फोटो : बसित जरगर
खेतों में महिलाएं और पुरुष मिलकर फूलों की तुड़ाई कर रहे हैं, जिन्हें बाद में प्रोसेसिंग यूनिट में भेजा जाता है।
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लैवेंडर फूलों की कटाई
- फोटो : बसित जरगर
लैवेंडर से तैयार होने वाला तेल न केवल देश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अच्छी मांग रखता है। इसका उपयोग इत्र, दवाइयों और कॉस्मेटिक उत्पादों में किया जाता है।
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लैवेंडर फूलों की कटाई
- फोटो : बसित जरगर
किसानों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहा तो इस बार की पैदावार उम्मीद से बेहतर होगी।
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लैवेंडर फूलों की कटाई
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सरकार द्वारा एरोमेटिक मिशन के तहत किसानों को तकनीकी सहायता, बीज और प्रशिक्षण भी मुहैया कराया जा रहा है।
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लैवेंडर फूलों की कटाई
- फोटो : बसित जरगर
कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कश्मीर में लैवेंडर खेती को बढ़ावा देना पहाड़ी इलाकों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।