जम्मू-कश्मीर सरकार का मुख्य प्रशासनिक केंद्र सिविल सचिवालय सोमवार को श्रीनगर में फिर से खुल गया। यह प्रक्रिया 150 साल पुरानी ‘दरबार मूव’ परंपरा के तहत की गई।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में दरबार मूव के पहले दिन सिविल सचिवालय परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर
- फोटो : बासित जरगर
जिसके अनुसार सरकार सर्दियों में जम्मू और गर्मियों में श्रीनगर से काम करती है।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में दरबार मूव के पहले दिन सिविल सचिवालय परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर
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सचिवालय खुलने पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में दरबार मूव के पहले दिन सिविल सचिवालय परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर
- फोटो : संवाद
एक सप्ताह पहले ही जम्मू से कार्यालय बंद कर श्रीनगर स्थानांतरित किए गए थे।
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सचिवालय में सुरक्षाबल
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मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार यह कदम प्रदेश में प्रशासनिक निरंतरता को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। दरबार मूव की शुरुआत वर्ष 1872 में महाराजा गुलाब सिंह ने दोनों क्षेत्रों में मौसम की विषम परिस्थितियों से बचने के लिए की थी। यह परंपरा स्वतंत्रता के बाद भी जारी रही।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में दरबार मूव के पहले दिन सिविल सचिवालय परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर
- फोटो : बासित जरगर
दरबार मूव की शुरुआत वर्ष 1872 में महाराजा गुलाब सिंह ने दोनों क्षेत्रों में मौसम की विषम परिस्थितियों से बचने के लिए की थी। यह परंपरा स्वतंत्रता के बाद भी जारी रही।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में दरबार मूव के पहले दिन सिविल सचिवालय परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर
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जम्मू और कश्मीर दोनों क्षेत्रों को समान प्रशासनिक लाभ मिल सके।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में दरबार मूव के पहले दिन सिविल सचिवालय परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर
- फोटो : बासित जरगर
हालांकि, 2021 में उपराज्यपाल शासन के दौरान इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया था लेकिन 2025 में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे फिर से बहाल कर दिया।
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सिविल सचिवालय परिसर
- फोटो : बासित जरगर
दरबार मूव से पहले श्रीनगर में सड़कों और पैदल मार्गों की मरम्मत कर शहर को सजाया गया।