श्रीनगर के हुमहामा बीएसएफ ट्रेनिंग सेंटर में 447 रंगरूटों ने पासिंग आउट परेड पूरी कर जवानों के रूप में बीएसएफ में शामिल होकर देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए तैयार हुए। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ट्रेनी को पदक और ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
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श्रीनगर के हुमहामा में पासिंग आउट परेड
- फोटो : बासित जरगर
श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र हुमहामा स्थित बीएसएफ के सब्सिडरी ट्रेनिंग सेंटर (एसटीसी) में युवाओं में देशभक्ति का जज्बा दिखा। मौका था शनिवार को रंगरूटों की पासिंग आउट परेड और सत्यापन समारोह का।
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श्रीनगर के हुमहामा में पासिंग आउट परेड
- फोटो : बासित जरगर
इसमें 447 रंगरूट बीएसएफ में शामिल होने के लिए पास आउट हुए। कार्यक्रम में आईजी एसटीसी कश्मीर (बीएसएफ) सोलोमन यश कुमार मिंज मुख्य अतिथि थे।
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श्रीनगर के हुमहामा में पासिंग आउट परेड
- फोटो : बसित जरगर
आईजी मिंज ने रंगरूटों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षा की पहली पंक्ति होने के नाते बीएसएफ अपनी स्थापना के बाद से न केवल देश की सीमाओं की प्रभावी ढंग से रक्षा कर रही है बल्कि इसने अद्वितीय वीरता और दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र विरोधी तत्वों को मुहतोड़ जवाब देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
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श्रीनगर के हुमहामा में पासिंग आउट परेड
- फोटो : बासित जरगर
उन्होंने रिक्रूटों को साहस और उत्साह के साथ राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। आईजी ने रंगरूटों को उनके जीवन और सेवा में उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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श्रीनगर के हुमहामा में पासिंग आउट परेड
- फोटो : बासित जरगर
मुख्य अतिथि ने विभिन्न इनडोर और आउटडोर प्रशिक्षण गतिविधियों में असाधारण प्रदर्शन करने वाले रंगरूटों को पदक से सम्मानित किया। बैच 128, 129 और 130 की परेड की कमान रंगरूट कांस्टेबल सुभदीप पांजा ने संभाली।
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श्रीनगर के हुमहामा में पासिंग आउट परेड
- फोटो : बासित जरगर
हर बैच के पांच ट्रेनी को बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए ट्रॉफी मिली।
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श्रीनगर के हुमहामा में पासिंग आउट परेड
- फोटो : बासित जरगर
बैच के पांच प्रशिक्षुओं को विभिन्न प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ चुना गया और उन्हें ट्रॉफी प्रदान की गईं।
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श्रीनगर के हुमहामा में पासिंग आउट परेड
- फोटो : बसित जरगर
बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स व अन्य सिक्योरिटी फोर्सेज के सीनियर अधिकारियों, ट्रेनी के माता-पिता और परिवार वालों ने इस यादगार परेड को देखा।
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श्रीनगर के हुमहामा में पासिंग आउट परेड के दौरान हवा में राइफलें उछालते जवान।
- फोटो : बासित जरगर
जब रंगरूट से जवान बने तो अपने शूरवीर बच्चों को देख माता-पिता भावुक हो उठे।
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पासिंग आउट परेड
- फोटो : बासित जरगर
44 सप्ताह का किया कठोर प्रशिक्षण
एक अधिकारी ने कहा कि कांस्टेबल/जनरल ड्यूटी के बैच 128, 129 व 130 के 447 के रंगरूटों को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विकल्प के तौर पर रखा था।
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पासिंग आउट परेड
- फोटो : बासित जरगर
अब 44 सप्ताह के कठोर प्रशिक्षण के बाद इन्होंने हथियारों को संभालने, फायरिंग कौशल, कानून, ड्रिल और सीमा प्रबंधन में दक्षता हासिल की है। एसटीसी बीएसएफ के प्रशिक्षकों की कड़ी मेहनत से उनकी शारीरिक दक्षता कई गुना बढ़ गई।
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पासिंग आउट परेड
- फोटो : बासित जरगर
मुख्यातिथि का स्वागत एसटीसी बीएसएफ कश्मीर के कमांडेंट योगेंद्र अग्रवाल ने किया।
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पासिंग आउट परेड के बाद बेटे का माथा चूमती मां।
- फोटो : बासित जरगर
देश की रक्षा के लिए मर मिटने के लिए तैयार जवान
पासिंग आउट परेड के बाद बीएसएफ के जवान मृत्युंजय ने कहा कि दिल में देश सेवा की भावना शुरू से थी।
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श्रीनगर के हुमहामा में पासिंग आउट परेड के दौरान हवा में राइफलें उछालते जवान।
- फोटो : बासित जरगर
अब देश के बॉर्डर की रक्षा करूंगा। एक अन्य जवान अक्षय ने कहा 44 सप्ताह की कड़ी ट्रेनिंग के बाद आज काफी खुशी है।