नगरोटा क्षेत्र के एक वकील इन दिनों दूध दही और पनीर जैसे उत्पाद बेचकर अपना गुजारा कर रहे हैं। आरएस पुरा, अखनूर, सांबा क्षेत्र के तीन वकीलों ने प्रॉपर्टी डीलर का काम शुरू कर दिया है। ऐसे ही सैकड़ों वकील हैं, जो रोजी रोटी कमाने के लिए वकालत छोड़ छोटे मोटे काम करने को मजबूर हो रहे हैं। दो साल से अदालतों में कामकाज एक तरह से ठप है। अदालतों में वर्चुअल मोड से मामलों की सुनवाई हो रही है। अदालतों में आम लोगों की आवाजाही बंद है। लिहाजा चंद वरिष्ठ वकीलों को छोड़ कर बाकी के लिए रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है।
बहुत से वकीलों ने अपना नाम न बताते हुए कहा कि दो साल से अदालतों में आने जाने पर प्रतिबंध है। बहुत से वकील ऐसे हैं, जो अदालतों में आने वाले लोगों पर ही निर्भर हैं। कोरोना के चलते पिछले दो साल से वकील समुदाय के लिए रोजी रोटी कमाने का संकट बना हुआ है। उन्हें और उनके परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।