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जम्मू-कश्मीर: कोविड ने छुड़वाई वकालत, कोई बेच रहा दूध-पनीर, तो कोई बना प्रॉपर्टी डीलर

Sat, 05 Jun 2021 08:58 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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lawyers - फोटो : अमर उजाला
नगरोटा क्षेत्र के एक वकील इन दिनों दूध दही और पनीर जैसे उत्पाद बेचकर अपना गुजारा कर रहे हैं। आरएस पुरा, अखनूर, सांबा क्षेत्र के तीन वकीलों ने प्रॉपर्टी डीलर का काम शुरू कर दिया है। ऐसे ही सैकड़ों वकील हैं, जो रोजी रोटी कमाने के लिए वकालत छोड़ छोटे मोटे काम करने को मजबूर हो रहे हैं। दो साल से अदालतों में कामकाज एक तरह से ठप है। अदालतों में वर्चुअल मोड से मामलों की सुनवाई हो रही है। अदालतों में आम लोगों की आवाजाही बंद है। लिहाजा चंद वरिष्ठ वकीलों को छोड़ कर बाकी के लिए रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है।

बहुत से वकीलों ने अपना नाम न बताते हुए कहा कि दो साल से अदालतों में आने जाने पर प्रतिबंध है। बहुत से वकील ऐसे हैं, जो अदालतों में आने वाले लोगों पर ही निर्भर हैं। कोरोना के चलते पिछले दो साल से वकील समुदाय के लिए रोजी रोटी कमाने का संकट बना हुआ है। उन्हें और उनके परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
200 करोड़ का पैकेज घोषित करे सरकार
वकील समुदाय पूरी तरह से आर्थिक रूप से कमजोर हो गया है। इनके लिए रोजी रोटी कमाने तक का संकट पैदा हो गया है।
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जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : संजय कुमार
पिछले साल एक करोड़ रुपये का पैकेज मुख्य सचिव ने जारी किया, लेकिन यह पैसा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख तीनों के लिए था।

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लॉयर - फोटो : अमर उजाला
वकीलों को मदद के नाम पर 3 हजार रुपये दिए गए। यह वकीलों के साथ मजाक है।
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demo pic
सरकार कम से कम 200 या 300 करोड़ रुपये का पैकेज वकीलों के लिए घोषित करे। वकील समुदाय के लिए सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। -नितिन बख्शी, प्रधान, युवा वकील एसोसिएशन, जम्मू

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