यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट और कभी मेवाड़ क्षेत्र की राजधानी रहा ऐतिहासिक चित्तौड़ दुर्ग आज पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। भारत के सबसे बड़े किलों में शामिल चित्तौड़ दुर्ग के पाडनपोल में बीते कई दिनों फिल्म पद्मावती के विरोध में सर्व समाज की ओर धरना दिया रहा है। जौहर स्मृति संस्थान के अध्यक्ष उम्मेद सिंह के अनुसार आज विरोध स्वरुप पर्यटकों को किले में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जबकि किले में रहने वाले लोगों की आवाजाही पर कोई असर नहीं होगा।
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इसलिए उठाया गया यह कदम
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फाइल फोटो।
गौरतलब है संस्थान की ओर से चेतावनी दी गई थी कि यदि 16 नवंबर तक फिल्म पर बैन नहीं लगा तो 17 नवंबर को किले में पर्यटकों को नहीं जाने दिया जाएगा। इसी क्रम में आज यह कदम उठाया गया है। दुर्ग की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए है। जानकारी के अनुसार इससे पूर्व दुर्ग केवल तीन बार पर्यटकों के लिए बंद रहा है। जिसमें दो बार दुर्ग कर्फ्यू व सांप्रदायिक तनाव के चलते अघोषित रूप से बंद था।
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जारी है विरोध प्रदर्शन
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पद्मावती
- फोटो : amar ujala
प्रदर्शन कर रहे लोगों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। चित्तौड़ दुर्ग से ही महरानी पद्मावती का इतिहास जुड़ा है। वहीं संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म पद्मावती को बैन करने के लिए देश भर में राजपूत समाज के साथ अन्य समाजों के प्रदर्शन भी जारी है। वहीं राजस्थान व अन्य प्रदेशों में फिल्म को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के चलते सुरक्षा बढ़ाई गई है।
शाही ट्रेन के पर्यटकों के लिए मायूसी
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फाइल फोटो।
राजस्थान के प्रमुख पर्यटक स्थलों में सम्मलित चित्तौड़ दुर्ग शाही ट्रेन पैलेस आॅन व्हील्स का प्रमुख पड़ाव होता है। रेलवे के अनुसार आज ट्रेन दोपहर 3.30 बजे चित्तौड़ आनी है। लेकिन इसके पर्यटकों को दुर्ग दिखाने के लिए नहीं ले जाया जाएग। उन्हें शहर के अन्य पर्यटन स्थलों पर ले जाया जाएगा। बंद के चलते भारतीय पुरात्तव सर्वेक्षण विभाग और पर्यटन विभाग के सुरक्षा गार्ड भी फोर्ट के अलग-अलग हिस्सों में तैनात किए गए हैं।
पद्मावती फिल्म को बैन करने की मांग कर रहें सामाजिक संगठन व राजनेताओं की निगाहें अब सेंसर बोर्ड पर टिकी हुई हैं। जानकारी के अनुसार सेंसर बोर्ड को फिल्म भेजी जा चुकी है और जल्द ही इस पर कोई निर्णय आ सकता है। गौरतलब है कि फिल्म बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आयी एक याचिका की सुनवाई पर कोर्ट ने कहा था कि जब तक फिल्म को सेंसर बोर्ड का सर्टिफिकेट नहीं मिल जाता। तब तक किसी भी प्रकार का निर्णय नहीं हो सकता।