शुक्रवार को एक छोटी सी बात को लेकर जयपुर शहर के रामगंज में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद इतना बड़ा रुप धारण कर लेगा ये किसी ने नहीं सोचा था। पूरी दुनिया में अपनी गंगा जमुनी तहजीब के लिए माने जाने वाली गुलाबीनगरी में साल 2008 में हुए बम धमाकों के बाद ऐसा नजारा पहली बार देखने को मिला है। आज जयपुर शहर में कर्फ्यू का तीसरा दिन है और शहर में व्यापार,बाजार,पर्यटन और लोगों की आस्था कर्फ्यू की जंजीरों में जकड़ी हुई पड़ी है।
विज्ञापन
बम धमाकों के बाद पहली बार जयपुर में लगा कर्फ्यू
2 of 5
भीड़ द्वारा फूंकी गई एक सरकारी एंबुलैंस
- फोटो : Vishnu Sharma
साल 2008 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद जयपुर की चारदिवारी और उसके आसपास के इलाकों में करीब 1 सप्ताह तक कर्फ्यू का असर रहा था। आज भी ठीक वैसा ही नजारा देखने को मिल रहा हैं। जिस चारदीवारी में 24 घंटे लोगों की रेलमपेल रहती है वहां अब दूर दूर तक सन्नाटा पसरा हुआ है।
विज्ञापन
होटलों में कैद हुए पर्यटक
3 of 5
जयपुर में कर्फ्यू
- फोटो : Vishnu Sharma
सितंबर का महीना शुरू हो चुका है दुनिया के कोने कोने से 'भारत का पेरिस' कहे जाने वाले जयपुर शहर में पर्यटकों का जमावड़ा भी लगने लगा है। लेकिन शुक्रवार को हुए तनाव के बाद जयपुर के सिटी पैलेस,हवामहल,जंतर मंतर,आमेर महल को देखने आने वाले पर्यटक कर्फ्यू के कारण शहर की इन खास जगहों पर नहीं घूम पा रहे हैं। लिहाजा पर्यटकों को अपने अपने होटलों में ही रहने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ट्यूरिस्ट गाइड कमल सिंह ने बताया कि वीकेंड होने की वजह से लोकल और फॉरेन ट्यूरिस्ट ने एडवांस बुकिंग करा रखी थी मगर कर्फ्यू के चलते बुकिंग कैंसिल करनी पड़ी है। कर्फ्यू की वजह से पर्यटकों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
आस्था को भी पहुंची गहरी चोट
4 of 5
फाइल फोटो
- फोटो : Vishnu Sharma
गुलाबी शहर में कुछ असामाजिक तत्वों की वजह से छोटी काशी के लोगों की आस्था को भी चोट पहुंचाई है। जयपुर के आराध्य देव गोविंद देव जी के मंदिर पर कमोबेश भक्तों की रोजाना भीड़ रहती है लेकिन कर्फ्यू के चलते मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है और यहां भक्तों की जगह पुलिस की बटालियन तैनात है।
कर्फ्यू के चलते शहर के रामगंज बाजार,छोटी चौपड़,बड़ी चौपड़ में बरामदे सूने पड़े हुए हैं और दुकाने भी पूरी तरह से बंद हैं। त्यौहारी महीना शुरू होने के कारण वैसे भी यहां खरीदारों की काफी भीड़ रहती है और चारदीवारी के बाजार लोगों से रोशन रहते हैं।