बनास नदी में डूबी बस के कारण अभी तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि कई लोग गंभीर रुप से घायल है। राजस्थान के सवाई माधोपुर के नजदीक आज सुबह एक निजी कंपनी की यात्रियों से भरी बस बनास पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नदी में जा गिरी। सुबह सात बजे हुए इस दर्दनाक हादसे में गंभीर घायल लोगों ने बताया कि बस नाबालिग कंडक्टर चला रहा था।
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नाबालिग कर रहा था ड्राइविंग
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बचाव कार्य
जानकारी के अनुसार ड्राइवर बस में मौजूद जरुर था लेकिन वह नाबलिग को बस चलाना सिखा रहा था। इस दौरान जब बनास पुल से बस निकली तब ओवरस्पीड और गलत तरीके से ओवरटेक करने के कारण बस नदी में जा गिरी। वहीं बताया जा रहा है कि हादसे में बस ड्राइवर की भी मौत हो गई। करीब चार घंटे चले बचाव अभियान में 25 से ज्यादा शव बनास नदी से निकाले गए है।
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मरने वालों में यूपी व एमपी के भी
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दुर्घटनाग्रस्त बस
जबकि अन्य लोगों की मौत अस्पताल में ईलाज के दौरान हुई है। वहीं अभी भी एसडीआरएफ की टीमें बनास नदी में डूबे लोगों की तलाश कर रही है। हालांकि अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि बस में कुल कितने लोग सवार थे। लेकिन इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि मरने वालों में दस लोग सवाई माधोपुर के जबकि पांच लोग उत्तर प्रदेश के व सात लोग मध्य प्रदेश के निवासी थे।
मरने वालों में यूपी व एमपी के भी
मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
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गोताखोर बनास में
जबकि अन्य लोगों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। इनमें से दस शवों को परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है। वहीं हादसे पर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने भी दुख जताया है। वहीं मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकार के कई मंत्री सवाई माधोपुर पहुंच गए है।
इसके अतिरिकत प्रदेश के बड़े प्रशासनिक अधिकारियों को भी मौके पर भेजा जा रहा है। इसके अतिरिक्त कई नेता जिनमें टोंक-सवाई माधोपुर सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया, सवाई माधोपुर विधायक दीया कुमारी, लालसोट विधायक किरोड़ी लाल मीणा सहित अन्य नेताओं के पहुंचने की संभावना है।