कहते हैं पूरी दुनिया में मिट्टी का अनमोल है, लेकिन इसकी कीमत किसी को नहीं पता। कभी कोई गीतकार अपने गीत में इसकी महिमा बताता है तो कोई कलाकार इस पर अपनी कला बिखेरकर। ऐसे ही सेंड आर्टिस्ट हैं अजमेर के पुष्कर निवासी अजय रावत। रावत ने आज भी साल 2107 के अंतिम दिन नए साल के स्वागत की तैयारी इसी मिट्टी पर अपनी कला उकेरकर की।
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अनूठी कला देखने के लिए पहुंचे पर्यटक
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रावत ने ऐसे बनाई रेत पर आकृति
- फोटो : amar ujala
रावत वर्ष 2018 का स्वागत करने के लिए रेतीले धोरों में पहुंचे, जहां उन्होंने मिट्टी व गुलाल की सहायता से वर्ष 2018 और स्माईली बनाए। रावत की कला को देखने के लिए काफी संख्या में लोग भी पुष्कर के रेतीले धोरों में पहुंचे।
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सावन में बनाए थे 108 शिवलिंग
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मिट्टी से बनाए 108 शिवलिंग
- फोटो : amar ujala
इससे पहले जुलाई में आए सावन के माह में सेंड आर्टिस्ट रावत ने रेत से इतने शिवलिंग बनाए कि देखने वाले दंग रह गए। रावत ने रेगिस्तान में मिट्टी से 108 शिवलिंग बनाए। उन्होंने बताया कि ये शिवलिंग बनाने में 7 घंटों का समय और अथक मेहनत करनी पड़ी।
तंबाकू से दूर रहने का भी दिया संदेश
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रावत ने ऐसे बनाई रेत पर आकृति
- फोटो : amar ujala
मई महीने में अजय रावत ने तम्बाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर 'तम्बाकू सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है' का संदेश देने वाली सेंड आर्ट बनाई थी। रावत ने बताया कि इस कलाकृति को बनाने में उन्हें दो घंटे से अधिक समय लगा। इसके जरिये उन्होंने लोगों से तम्बाकू छोड़ने की अपील की थी।
सेंड आर्टिस्ट अजय रावत हनुमान के भक्त हैं। अपने आराध्य को उनके जन्मदिन(हनुमान जयंती) पर कुछ अनूठा करके अपनी श्रद्धा प्रकट करना चाहते थे। इसी कड़ी में वे जयंती से पूर्व वाली रात को ही गुलाल लेकर रेतीले धोरों के बीच पहुंच गए। रात से लेकर सुबह तक कई घंटों तक मेहनत कर उन्होंने रेत पर हनुमान चालीसा लिखी।