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तलवार जैसी धारदार 'मौत की डोर' से बचने के लिए काम आ रहे हैं ये देसी जुगाड़

Sat, 13 Jan 2018 12:41 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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मांझे की धार - फोटो : अमर उजाला
धारदार मांझे से बाइक सवार युवक का गला कटने के बाद मौत की डोर से बचने के लिए अब देसी जगुाड़ काम आ रहे हैं। इस युवक से पहले भी चाइनीज मांझे की मार कई जानें लील चुकी है। हर साल कोई न कोई तलवार की धार जैसे मांझे का शिकार बनता है। बड़ों से लेकर बच्चों तक अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं। मांझे की ऐसी दहशत है कि किसी ने गाड़ी के आगे डंडा लगा रखा है तो कोई सिर से पांव तक खुद को ढक कर निकल रहा है।
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बाइक पर ही लगा लिया डंडा

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बाइक पर लगाया डंडा - फोटो : अमर उजाला
जयपुर में ऐसे कई नजारे देखने को मिल रहे हैं। एक व्यक्ति ने मांझे की मार से बचने के लिए बाइक के आगे सीधा डंडा लगा लिया। जिससे मांझा नुकसान नहीं पहुंचा सके।
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सर्दी नहीं ये है मांझे का सितम

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महिला ने भी किए उपाय - फोटो : अमर उजाला
पिछले कुछ दिनों में सर्दी के तीखे तेवर राजधानी में थोड़े नरम पड़े हैं, बावजूद इसके लोगों ने लबादों को अपने से अलग नहीं किया है। दरअसल वाहनों पर चलने वाले लोग को सर्दी से नहीं बल्कि मांझे से डर लग रहा है।

मफलर, रुमाल, स्कार्फ का सहारा

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मुंह पर रुमाल बांधे - फोटो : अमर उजाला
मफलर, रुमाल, शॉल, स्कार्फ ऐसे साधन हैं जिन्हें लपेट कर लोग मांझे से बचने का उपाय कर रहे हैं। बात महज मकर संक्रांति तक की है। उसके बाद मांझे का डर नहीं रहेगा।
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कांच वाला हेलमेट आ रहा है काम

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हेलमेट का कांच भी लगा रहे हैं - फोटो : अमर उजाला
इन दिनों हेलमेट कर कांच लगवाने वालों की संख्या भी बढ़ गई है। मांझे की मार से गले को बचाने के लिए मफलर और चेहरे को बचाने के लिए हेलमेट पर कांच लगवाया जा रहा है।
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