शहरों को सुंदर बनाने के नाम पर केन्द्र से लेकर राज्य सरकार तक करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन सुंदरता के लिए जो प्रोजेक्ट चल रहे हैं, वे लोगों की मौत का कारण साबित हो रहे हैं। जयपुर में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का ड्र्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले द्रव्यवती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट ने सोमवार को एक 11 वर्षीय बच्चे को मौत के घाट उतार दिया।
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नहीं बचाया जा सका
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प्रदर्शन
दरसअल जयपुर के शास्त्री नगर का रहने वाला रवि स्कूल की छुट्टी के बाद दोस्तों के साथ खेलने निकला था। इस दौरान वह पतंग लूटने के प्रयास में कॉलोनी के नजदीक बने 15 फीट गहरे पानी से भरे गड्डे में गिर गया। इसके बाद उसके दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया व वहां निकल रहे लोगों से भी मदद मांगी। लेकिन गड्डा गहरा होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका।
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परिजनों ने किया प्रदर्शन
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सड़क जाम कर प्रदर्शन
कंपनी का कहना है कि फ्रंट का काम इस गड्डे से कुछ दूरी पर है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्डा द्रव्यवती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट का काम रही कंपनी ने ही खोदा है। वहीं रवि के परिजनों व स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की मांग करते हुए आज मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया और रवि के शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से समझाइश की है।
सभी ने किया इंकार
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फाइल फोटो।
इसके बाद मौके पर पहुंची सिविल डिफेंस की टीम ने रवि को गड्डे से बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि जयपुर विकास प्राधिकरण, जयपुर नगर निगम और द्रव्यवती रिवर फ्रंट का काम कर रही टाटा कंपनी ने कहा है कि यह गड्डा उन्होंने खोदा ही नहीं था।
द्रव्यवती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट अहमदाबाद के साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर बनाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 1667 करोड़ रुपए खर्च होने है। सबंधित विभागों का दावा है कि 42 किलोमीटर लंबी इस नदी पर विकास कार्य पूर्ण होने के बाद इससे जयपुर की सूरत बदल जाएगी। इसके दोनों किनारों पर गार्डन सहित अन्य मनारंजन के साधन भी विकसित किए जा रहे है।