भाजपा को उपचुनावों में मिली हार के बाद पार्टी को झटका लगा है। विशेषकर राजस्थान में दो लोकसभा व एक विधानसभा सीट बड़े अंतर से गंवाने के बाद वसुंधरा राजे की मुश्किल बढ़ गई है। वहीं आज से राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र प्रारंभ हो रहा है। जहां विपक्ष की आक्रामक नीति राजे सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होने वाली है। दरअसल कांग्रेस उपचुनावों में मिली बड़ी जीत से उत्साहित है और विधानसभा में वे मुख्यमंत्री राजे से इस्तीफे की मांग करेगी। इससे पूर्व रविवार को मुख्यमंत्री राजे ने मंत्रियों और विधायकों को पूर्ण तैयारी के साथ विधानसभा में पहुंचने के निर्देश दिए थे।
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12 फरवरी को पेश होगा बजट
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वसुंधरा राजे
राजस्थान की राजे सरकार का आखिरी बजट 12 फरवरी को मुख्यमंत्री पेश करेंगी। दरअसल इस वर्ष के अंत में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने है। आज बजट सत्र का शुभारंभ राज्यपाल के अभिभाषण के साथ होगा। राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह चुनावी वर्ष है और हाल ही में भाजपा को राजस्थान में उपचुनावों में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है इसलिए बजट लोक लुभावन होगा।
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हारे हुए विधायक-मंत्रियों पर होंगी निगाह
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फाइल फोटो।
अलवर, अजमेर लोकसभा व मांडलगढ़ विधानसभा के उपचुनावों में करारी हार झेलने के बाद राजस्थान भाजपा में जल्द ही बदलाव देखने को मिल सकता है। गौरतलब है कि इन तीनों क्षेत्रों में 14 विधायक भाजपा के है। लेकिन सभी क्षेत्रों में भाजपा कांग्रेस से काफी पीछे रही। जिसके बाद इन विधायकों के आगामी राजनीतिक भविष्यों को भी इस हार से जोड़कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि अलवर लोकसभा उपचुनाव में वर्तमान राज्य सरकार में मंत्री डॉ जसवंत सिंह लोकसभा प्रत्याशी थे। जिन्हें करीब दो लाख वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।
तीनों सीटें थी भाजपा के पास
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फाइल फोटो।
एक फरवरी को आए उपचुनावों के नतीजों ने भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व को भी परेशानी में डाल दिया है। क्योंकि राजस्थान में बीते चार वर्षों में हुए आठ उपचुनाव में भाजपा को छह में हार का सामना करना पड़ा है। हाल ही में हुए तीन उपचुनाव से पूर्व यह सभी सीटें भाजपा के पास थी। लेकिन उपचुनावों में कांग्रेस उम्मीदवारों को मिली बड़ी जीत के बाद यहां बदलाव की हवा महसूस की जाने लगी है।
उपचुनावों में मिली हार के बाद अपनी ही पार्टी में मुख्यमंत्री राजे की मुश्किलें बढ़ी गई है। दरअसल भाजपा में ही राजे के विरोधी माने जाने वाले वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी और कई केन्द्रीय नेता अब सक्रिय हो गए है। वहीं भाजपा आलाकमान भी लगातार राजस्थान में पार्टी प्रभारियों से लगातार फीडबैक ले रहे है। गौरतलब है कि पार्टी वरिष्ठ नेताओं में सम्मलित भूपेन्द्र यादव, ओम माथुर राजस्थान से ही सबंध रखते है।